उत्तराखण्डकुमाऊं,गढ़वाल,
उत्तराखंड से आई बड़ी खबर- चार जिलों में बदले जाएंगे 15 जगहों के नाम, लिस्ट में एक नगर पंचायत व दो सड़कें भी

- प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने की सोमवार को इसकी घोषणा
- कहा, भारतीय संस्कृति व विरासत के अनुरूप किया जा रहा नामकरण
देहरादून न्यूज़- देवभूमि उत्तराखंड में गुलामी के प्रतीक चिह्न हटाने के साथ ही विभिन्न स्थानों के ब्रिटिशकालीन नाम बदलने की दिशा में सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है।
इसी कड़ी में सोमवार को चार जिलों हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल व ऊधम सिंह नगर के 15 स्थानों के नाम बदलने की मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की। इनमें नगर पंचायत सुल्तानपुर पट्टी भी शामिल है, जिसे अब कौशल्या पुरी के नाम से जाना जाएगा।
इसके अलावा, दो सड़कें भी इसमें शामिल हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जनभावना और भारतीय संस्कृति व विरासत के अनुरूप विभिन्न स्थानों का नामकरण किया जा रहा है।
कुछ समय पहले उत्तर प्रदेश सरकार समेत कुछ अन्य राज्यों ने भी अपने यहां ब्रिटिशकालीन नाम बदलने की शुरुआत की थी। इसके पश्चात उत्तराखंड में भी कुछ स्थानों के नाम बदले गए। इनमें घाट नगर पंचायत का नाम बदलकर नंदानगर किया गया तो जोशीमठ को ज्योतिर्मठ नाम दिया गया।
इस बीच राज्य के विभिन्न जिलों के स्थानों, सड़कों व शहरों के ब्रिटिशकालीन नाम बदलकर भारतीय संस्कृति के अनुरूप इनके नामकरण की मांग उठती रही है। मुख्यमंत्री ने पूर्व में घोषणा की थी जनभावनाओं के अनुरूप स्थानों के नाम बदले जाएंगे। इस बीच जिलों से इस सिलसिले में सूची मांगी गई थी।
अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 15 स्थानों के नाम परिवर्तित करने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि विभिन्न स्थानों के नाम में परिवर्तन जनभावना और भारतीय संस्कृति व विरासत के अनुरूप किया जा रहा है। इससे लोग भारतीय संस्कृति और इसके संरक्षण में योगदान देने वाले महापुरुषों से प्रेरणा ले सकेंगे।
यह होगी आगे की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद अब संबंधित जिलों से इस संबंध में प्रस्ताव मांगे जाएंगे, क्योंकि राजस्व अभिलेखों में नाम परिवर्तित किए जाने हैं। जिलों से प्रस्ताव मिलने के बाद राजस्व परिषद समग्र प्रस्ताव प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी। सरकार के अनुमोदन के बाद इस संबंध में आदेश जारी किए जाएंगे।

