उत्तरकाशी में भालू के हमले से बचने भागे ग्रामीण की खाई में गिरकर मौत, पत्नी और दो बेटों के सिर से उठा पिता का साया

उत्तरकाशी न्यूज़– उत्तराखंड के जंगलों में भालू का खौफ एक और परिवार की खुशियां छीन ले गया। उत्तरकाशी में पशुओं को चराने गए एक ग्रामीण पर अचानक भालू ने हमला कर दिया। जान बचाने के लिए ग्रामीण ने भागने की कोशिश की, लेकिन इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरे। सिर में गंभीर चोट लगने से उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मचा है, वहीं गांव में भालू के हमलों को लेकर दहशत बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, हादसा तुनालका गांव निवासी जनक सिंह पुत्र भरत सिंह के साथ हुआ। मंगलवार दोपहर वह अपने पशुओं को चराने के लिए नायुकातोक क्षेत्र में गए थे। दोपहर करीब 12 बजे अचानक उनका सामना भालू से हो गया। भालू ने उन पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए जनक सिंह वहां से भागने लगे, लेकिन इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरे। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
सड़क निर्माण में लगे मजदूरों ने दी सूचना
घटना के बाद सड़क निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को इसकी जानकारी मिली। उन्होंने तत्काल गांव और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। काफी प्रयासों के बाद जनक सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने आवश्यक पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए जनक सिंह
जनक सिंह की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। परिवार की जिम्मेदारियां निभाने वाले जनक सिंह की अचानक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस परिवार के लिए वह रोजी-रोटी जुटाने निकले थे, उसी परिवार को अब उनके बिना जिंदगी गुजारनी पड़ेगी।
बुधवार को यमुना तट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। घटना के बाद तुनालका गांव में शोक की लहर है। वहीं, क्षेत्र में भालू की सक्रियता और हमलों की आशंका को लेकर ग्रामीणों में भय बना हुआ है। जंगल और आसपास के क्षेत्रों में पशु चराने जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।










