उत्तराखण्डगढ़वाल,

उत्तराखंड- ऋषिकेश एम्स में रेजीडेंट डॉक्टर ने किया महिला नर्सिंग स्टाफ को थप्पड़ मारने का प्रयास, शिकायत पर निलंबित, अब मुकदमा भी दर्ज, वीडियो

एम्स में रेजिडेंट डाक्टर व महिला नर्सिंग अधिकारी के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई जो हाथापाई तक पहुंच गई। बताया जा रहा है कि रेजीडेंट डॉक्टर ने महिला नर्सिंग अधिकारी को थप्पड़ मारने का प्रयास किया। वहीं एम्स प्रशासन ने मामले में कार्यवाही करते हुए रेजीडेंट डॉक्टर को निलंबित कर दिया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया में भी वायरल हो रहा है।

 

 

एम्स में रेजीडेंट डॉक्टरों व नर्सिंग अधिकारियों के बीच विवाद थम नहीं रहा है। एक बार फिर यहां एक रेजीडेंट डॉक्टर व महिला नर्सिंग अधिकारी आपस में भिड़ गए। बताया जा रहा है कि रुद्रप्रयाग हादसे के घायलों के लिए ट्रॉमा सेंटर की ओटी को खाली कराया जा रहा था। इसी दौरान नर्सिंग अधिकारी व रेजीडेंट डॉक्टर में किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों में हाथापाई शुरु हो गई। इस दौरान वहां मौजूद अन्य स्टाफ ने किसी तरह दोनों को अलग किया।

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सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में दोनों एक दूसरे पर भड़कते हुए तू तू-मैं मैं करते हुए दिखाई दे रहे हैं। दोनों को रोकने के लिए अन्य स्टाफ ने इन दोनों का हाथ पकड़ा हुआ है। बताया जा रहा है कि हाथापाई के दौरान रेजीडेंट डॉक्टर ने महिला नर्सिंग अधिकारी को थप्पड़ मारने का प्रयास किया। लेकिन वहां मौजूद अन्य लोगों ने किसी तरह इसे पकड़ लिया। घटना की जानकारी मिलने पर एम्स प्रशासन सकते में आ गया।

 

क्योकि पूर्व में एक महिला रेजीडेंट डॉक्टर ने एक पुरुष नर्सिंग आफिसर पर ओटी में छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। जिस पर आक्रोशित रेजीडेंट डॉक्टरो ने तीन दिन तक कार्य बहिष्कार भी किया था। इस घटना को एक माह का समय भी नहीं हुआ था कि फिर एक बार रेजीडेंट डॉक्टर व नर्सिंग स्टाफ आपस में भिड़ गए। एम्स प्रशासन का कहना है कि थप्पड़ मारने का प्रयास करना गलत है। आरोपी रेजीडेंट चिकित्सक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले में जांच की जा रही है।

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पूर्व में हुई घटना के बाद एम्स ने कार्य स्थल पर कार्मिको की सुरक्षा के लिए एसओपी बनाए जाने की बात कही थी। तक एम्स ने एक माह के भीतर एसओपी निर्धारित किए जाने को कहा था। लेकिन एसओपी बनने से पूर्व ही एक बार फिर रेजीडेंट डाक्टर व नर्सिंग स्टाफ आपस में भिड़ गए। जिससे एम्स प्रशासन भी सकते में है।

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कार्मिकों के बीच कार्य स्थल पर अक्सर टकराव का कारण काम का दबाव बताया जा रहा है। एम्स में उत्तराखंड के अलावा उत्तर भारत से बड़ी संख्या में हर दिन मरीज पहुंचते है। यहां मरीजों का दबाव क्षमता से अधिक है। जिससे यहां डाक्टरों व नर्सिंग स्टाफ पर काम का काफी दबाव रहता है। जिससे अक्सर स्टाफ तनाव में भी रहता है। बताया जा रहा है कि यहीं काम का दबाव व तनाव का रेजीडेंट डाक्टरों व नर्सिंग स्टाफ में काम के दौरान टकराव का कारण बन रहा है।

 

थप्पड़ मारने का प्रयास करना अपराध की श्रेणी में है। आरोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले में जांच जारी है।-संदीप कुमार, पीआरओ, एम्स।