उत्तराखंड- दो दरोगाओं पर रिश्वतखोरी का मुकदमा, विवेचना में गड़बड़ी और धमकाने के आरोप; जांच के बाद कार्रवाई

उत्तराखंड के रुड़की में पुलिस विभाग से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। गंगनहर कोतवाली में तैनात रहे दो उपनिरीक्षकों के खिलाफ रिश्वतखोरी, पद का दुरुपयोग करने और शिकायतकर्ता को डराने-धमकाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी देहात की जांच के बाद हुई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।
विवेचना के दौरान रकम मांगने का आरोप
जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के निरपुड़ा गांव निवासी निश्चय राणा ने दोनों उपनिरीक्षकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक मुकदमे की विवेचना के दौरान उनसे अवैध रूप से रकम मांगी गई। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता को कथित तौर पर डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में मामले से संबंधित ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी पुलिस अधिकारियों को सौंपी थीं। इसके बाद मामले की जांच कराई गई।
आत्महत्या के लिए उकसाने के मुकदमे से जुड़ा मामला
बताया गया कि पूरा मामला पांच जुलाई 2023 को सुषमा सैनी की ओर से निश्चय राणा और नितीश राणा के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे से जुड़ा है। इस मामले में दोनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए गए थे।
शुरुआत में इस मुकदमे की विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक मनदीप सिंह कर रहे थे। बाद में जांच की जिम्मेदारी तत्कालीन उपनिरीक्षक बलवंत पंवार को सौंप दी गई थी। इसी विवेचना के दौरान शिकायतकर्ता ने कथित अनियमितताओं और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए।
एसपी देहात की जांच के बाद दर्ज हुआ मुकदमा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी देहात अभय सिंह ने शिकायत की जांच की। जांच के बाद दोनों उपनिरीक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की गई है।
फिलहाल, दोनों पुलिसकर्मियों पर लगे आरोपों को लेकर कानूनी कार्रवाई की गई है। मामले में आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया के दौरान तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी। आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही मानी जाएगी।









