रुद्रपुर में कार के पहिए के पास मिली 2-3 दिन की नवजात बच्ची, पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया; CCTV से तलाशे जा रहे जिम्मेदार

चाइल्ड हेल्पलाइन को दी सूचना, बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर; चौकी प्रभारी ने कपड़े, डायपर और दूध की बोतल की व्यवस्था कर दिखाई संवेदनशीलता
रुद्रपुर न्यूज़- ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। सिंह कॉलोनी स्थित चर्च के पास एक कार के पहिए के नजदीक महज दो से तीन दिन की नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। नवजात के मिलने की खबर से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उसके उपचार की व्यवस्था की। फिलहाल पुलिस बच्ची को वहां छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान करने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
सीसीटीवी फुटेज से की जा रही पहचान की कोशिश
जानकारी के अनुसार, आदर्श चौकी प्रभारी प्रकाश पंत को सिंह कॉलोनी में चर्च के पास नवजात बच्ची के मिलने की सूचना मिली थी। उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी। सीओ विभव सैनी के निर्देश पर बच्ची को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।
सीओ विभव सैनी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य बच्ची को वहां छोड़ने वाले व्यक्ति का पता लगाना है। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन को भी सूचना दे दी गई है।
चौकी प्रभारी ने दिखाई संवेदनशीलता, बच्ची के लिए जुटाईं जरूरी चीजें
इस घटना के बीच आदर्श चौकी प्रभारी प्रकाश पंत का मानवीय पक्ष भी सामने आया। बच्ची की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने उसके लिए नए कपड़े, डायपर और दूध की बोतल की व्यवस्था की। उनकी इस पहल ने पुलिस की संवेदनशीलता को उजागर किया।
चौकी प्रभारी ने बताया कि बच्ची की मुस्कान देखकर उन्हें सुकून मिला। उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि आज उनकी ड्यूटी सफल हो गई। संकट की स्थिति में नवजात के प्रति दिखाई गई इस संवेदनशीलता की चर्चा भी हो रही है।
नवजात की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर उठे सवाल
नवरात्र के दौरान सामने आई इस घटना ने नवजात बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहत की बात यह रही कि बच्ची समय रहते लोगों की नजर में आ गई और पुलिस को सूचना मिल गई, जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया।
अब पुलिस की प्राथमिकता बच्ची को वहां छोड़ने वाले व्यक्ति का पता लगाना और मामले की जांच पूरी करना है। वहीं, बच्ची के बेहतर उपचार और सुरक्षित संरक्षण की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है।










