ADG की नाराजगी के बाद हरकत में आई नैनीताल पुलिस, एक दिन में 43 मुकदमे दर्ज कर कसा शिकंजा

अधिकारियों की नाराजगी के बाद तेज हुई कार्रवाई, म्यूल बैंक खातों से लेकर एटीएम और सिम कार्ड नेटवर्क तक की जांच
नैनीताल न्यूज़- साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के खिलाफ नैनीताल पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने एक ही दिन में 43 मुकदमे दर्ज किए हैं, जबकि जिले में अब तक साइबर अपराध से जुड़े चिह्नित हॉटस्पॉट के खिलाफ कुल 49 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में जांच और कानूनी कार्रवाई में तेजी लाई है।
दरअसल, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। वहीं, आईजी कुमाऊं रेंज निवेदिता कुकरेती ने भी मामले में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा था।
मूल बैंक खातों और एटीएम से रकम निकासी की जांच
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के बाद नैनीताल पुलिस ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में जांच तेज की। इस दौरान मूल बैंक खातों, एटीएम के माध्यम से रकम निकालने, चेक से निकासी तथा सिम कार्ड और पीओएस मशीन से जुड़े मामलों की पड़ताल की गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई हैं।
पुलिस की जांच का एक अहम पहलू म्यूल बैंक खाते भी हैं। ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को दूसरे खातों में स्थानांतरित करने या निकालने के लिए किया जा सकता है। पुलिस इन खातों के इस्तेमाल, उनसे जुड़े लेनदेन और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है।
सभी थाना प्रभारियों को कार्रवाई के निर्देश
नैनीताल पुलिस ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को साइबर अपराध के चिह्नित हॉटस्पॉट के खिलाफ समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का जोर ऐसे स्थानों और गतिविधियों की पहचान करने पर है, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम निकालने या उसे इधर-उधर पहुंचाने के लिए किया जाता है।
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी की रकम बैंक खातों, एटीएम, चेक और अन्य माध्यमों से निकालने के साथ ही इस नेटवर्क को सहयोग देने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के निर्देशों के बाद बढ़ी कार्रवाई को साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।










