उत्तराखण्डकुमाऊं,

वाहन स्वामी और क्रेशर संचालकों के बीच नहीं बन रही सहमति, अब खनन व्यवसाई करेंगे वाहनों को सरेंडर

लालकुआं न्यूज़– स्टोन क्रशरों द्वारा खरीद रेट में दो रुपए घटाने से नाराज खनन व्यवसाईयों का आंदोलन आज भी जारी रहा, इस दौरान भारी संख्या में वाहन स्वामियों ने आरटीओ कार्यालय पहुंचकर अपने वाहनों को सरेंडर करने की सूची एआरटीओ सरदार गुरदेव सिंह को सौंपी। वही स्टोन क्रशर संचालकों का कहना है कि माल की बिक्री कम होने एवं अधिक रेट में माल नहीं बिकने के चलते उन्हें खरीद रेट कम करने पड़ रहे हैं, वाहन स्वामियों को क्रेशर संचालकों की समस्याएं भी समझनी चाहिए।

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बुधवार को की प्रातः बेरीपड़ाव में खनन व्यवसाईयों की बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि जब तक स्टोन क्रशर संचालक सही रेट नहीं देते तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा, आंदोलन के सार्वजनिक निर्णय के बाद सभी गाड़ी मालिक आरटीओ कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने एआरटीओ सरदार गुरदेव सिंह से भेंट करते हुए उन्हें 1000 वाहनों के सरेंडर करने का संयुक्त पत्र सौपा, इस दौरान एआरटीओ ने वाहन स्वामियों से आह्वान किया कि वह वाहनों को सरेंडर करने से पहले स्टोन क्रशर संचालकों से बैठक कर कोई सहमति बना लें, यदि इसके बावजूद कोई निर्णय नहीं होता है तो फिर वाहनों को सरेंडर करने के लिए विभाग अलग से काउंटर खोल देगा।

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वही गौला खनन संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश जोशी ने कहा कि सभी वाहन स्वामी एकजुट है, जब तक क्रेशर संचालक उचित रेट नहीं देते हैं तब तक वह गौला नदी में गाड़ी नहीं डालेंगे। इधर लालकुआं स्टोन क्रेशर के निदेशक अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि पूर्व में स्टोन क्रशरों ने 28 रुपए ही रेट खोला था, इसके बाद प्रशासन ने कुछ समय के लिए 2 रुपये बढ़ाने का आह्वान किया, जिसके बाद कुछ समय के लिए रेट बढ़ा दिया गया, परंतु माल की बिक्री कम होने तथा मार्जिन अत्यधिक कम हो जाने के चलते उन्हें रेट पूर्ववत करने पड़ रहे हैं, उन्होंने वाहन स्वामियों से स्टोन क्रशरों की समस्याओं पर गौर करते हुए वाहन चलाने का आह्वान किया।

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