उत्तराखण्डकुमाऊं,

नैनीताल- अब हल्द्वानी के बाद इस इलाके से वन विभाग की टीम ने हटाया अतिक्रमण, प्लास्टिक की छत बनाकर किया हुआ था अवैध कब्जा

नैनीताल न्यूज़- घोड़ा स्टेंड बारापत्थर में वन भूमि पर अतिक्रमण करने वालों पर वन विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है। वन विभाग की टीम ने लकड़ी का ढांचा बनाकर प्लास्टिक आवरण के एक दर्जन अतिक्रमण ध्वस्त कर दिए। साथ ही चेताया कि यदि दुबारा अतिक्रमण किया गया तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा। विभागीय टीम की कार्रवाई से घोड़ा चालकों में खलबली मची है।

वही नैनीताल से लेकर भूमियांधार, श्यामखेत तक मुस्लिम समुदाय की आवक बढ़ने से डेमोग्राफी बदलने व बारापत्थर में अवैध कब्जों को लेकर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेते हुए वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद तिवारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने दैनिक श्रमिकों के साथ बारापत्थर में सड़क से नीचे के अवैध कब्जों को हटाने की कार्यवाही शुरू की।

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इस दौरान तमाम घोड़ा चालकों ने कार्यवाही को लेकर ढील देने का आग्रह किया, लेकिन विभागीय टीम ने सख्ती दिखाते हुए अतिक्रमण ध्वस्त किए। सुबह से शाम तक कार्यवाही चलती रही और एक दर्जन अतिक्रमण ध्वस्त किए गए। वन क्षेत्राधिकारी के अनुसार लकड़ी का ढांचा तैयार कर उसमें तिरपाल लगाकर घुड़साल के सेट बनाए गए थे। इस दौरान एक दर्जन अतिक्रमण हटाए गए। टीम में फारेस्टर संतोष जोशी व संतोष गिरि, हरीश, राजेंद्र, विमला राठौर सहित कई दैनिक श्रमिक शामिल रहे।

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बारापत्थर में सड़क किनारे तिरपाल लगाकर बड़ी संख्या में अतिक्रमण किए गए थे। पिछले साल जुलाई में मंडलायुक्त दीपक रावत के निर्देश पर वन विभाग ने एक दर्जन अतिक्रमण हटाए थे। यह अतिक्रमण नारायणनगर को जाने वाले पैदल मार्ग के आसपास किए गए थे।

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हाल ही में बनभूलपुरा में आगजनी व हिंसा के बाद बड़ी संख्या में बारापत्थर से भी मुस्लिम समुदाय के लोग उत्तर प्रदेश के शहरों को लौट गए लेकिन उन्होंने वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जा कर लकड़ी का ढांचा बनाकर प्लास्टिक के सेट तैयार कर दिए।