उत्तराखंड- यहाँ जेल से रची करोड़ों की संपत्ति हथियाने की साजिश, प्रवीण वाल्मीकि गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार


हरिद्वार न्यूज़- उत्तराखंड एसटीएफ ने बुधवार रात हरिद्वार में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात अपराधी प्रवीण वाल्मीकि गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक प्रवीण का भतीजा मनीष उर्फ बाॅलर भी शामिल है। एसटीएफ ने खुलासा किया है कि सितारगंज जेल में बंद प्रवीण वाल्मीकि जेल के बाहर अपने गुर्गों और रिश्तेदारों के जरिए करोड़ों की संपत्ति हड़पने की आपराधिक साजिशों को अंजाम दे रहा था।
बुधवार दोपहर गंगनहर थाने में गैंग सरगना प्रवीण, उसके भतीजे और अन्य साथियों समेत कुल छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने मनीष उर्फ बाॅलर (40) और उसके साथी पंकज अष्टवाल (30) को गिरफ्तार कर लिया। बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर एसटीएफ वांछित और इनामी अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। इसी कड़ी में प्रवीण वाल्मीकि और उसके गैंग पर कार्रवाई की गई।
पुरानी हत्याएं और संपत्ति हड़पने की साजिश
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि वर्ष 2018 में प्रवीण वाल्मीकि ने कृष्ण गोपाल नामक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। कृष्ण अपने भाई श्याम बिहारी की करोड़ों की संपत्ति संभाल रहे थे। हत्या के बाद प्रवीण ने श्याम बिहारी की पत्नी रेखा को धमकाकर संपत्ति हड़पने की कोशिश की। जब रेखा ने विरोध किया तो वर्ष 2019 में प्रवीण ने उसके भाई सुभाष पर भी जानलेवा हमला करवाया।
इन वारदातों से डरकर रेखा का परिवार घर छोड़कर कहीं और रहने लगा। इसका फायदा उठाकर प्रवीण और उसके साथियों ने रेखा व कृष्ण गोपाल की पत्नियों के नाम से फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कराई और करोड़ों की संपत्ति बेच डाली। इस काम में मनीष उर्फ बाॅलर और पंकज अष्टवाल की सीधी भूमिका सामने आई है।
जेल से रची नई साजिश
एसटीएफ की जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ। वर्ष 2022 में जब प्रवीण हरिद्वार जेल में बंद था, तभी उसकी मुलाकात संदीप कुमार एरोन नामक शख्स से हुई। एरोन की कनखल क्षेत्र में साढ़े तीन करोड़ रुपये की संपत्ति थी। प्रवीण ने अपने भतीजे मनीष और संजय चांदना को निर्देश दिया कि इस संपत्ति को हड़पना है और इसके लिए सिर्फ 50-60 लाख रुपये देने होंगे।
जनवरी 2023 में जेल से बाहर आने के बाद मनीष और संजय ने बिना कोई पैसा दिए ही उस संपत्ति का एग्रीमेंट अपने नाम करवा लिया। हालांकि, कुख्यात अपराधी सुनील राठी के दबाव के बाद यह एग्रीमेंट रद्द करना पड़ा।
फिलहाल एसटीएफ दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है, वहीं गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है।

