उत्तराखण्डकुमाऊं,

नंधौर नदी में रजिस्टर 200 वाहन मालिक ने खनन से हाथ खींचे

हल्द्वानी न्यूज़– नंदौर नदी में खनन के लिए रजिस्टर करीब 200 से ज्यादा डंपर मालिकों ने खनन कार्य से अपने हाथ खींच लिए हैं। डंपर मालिकों के रजिस्ट्रेशन कैंसिल करवाने के पीछे खनन कार्य में घाटा होना बताया जा रहा है।

वन निगम प्रबंधन जल्द ही नए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू करने वाला है।

नंदौर नदी में खनन के लिए 6 गेट बनाए गए हैं। इसमें से पांच गेट नैनीताल जिले में और एक गेट ऊधमसिंह नगर जिले में है। वर्तमान में इन छह गेटों से करीब 2230 गाड़ियों नंधौर नदी से खनन करते हैं। इन गेट इन 6 गेटों में रजिस्टर 200 से ज्यादा गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन उनके मालिकों ने कैंसिल करवा दिए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी- स्मार्ट मीटर नहीं स्मार्ट लूट है!" — बिजली के तीन गुना बिल देख भड़के हल्द्वानी के लोग, ऊर्जा निगम में हंगामा

इसकी वजह खनन कार्य में आ रही दिक्कत वह उचित लाभ नहीं मिल पाना बताया जा रहा है। वन निगम के डीएलएम धीरेश बिष्ट ने बताया कि नंधौर नदी में खनन के लिए 300 गाड़ियों के नए रजिस्ट्रेशन करने की तैयारी है ताकि निर्धारित खनन का लक्ष्य पूरा किया जा सके।

यह भी पढ़ें 👉  EPFO खाता धारकों की बल्ले-बल्ले, इतने साल की नौकरी पर हर महीने मिलेंगे 7500 रुपए

आरबीएम का क्वालिटी अच्छी नहीं

नंधौर नदी से निकलने वाला आरबीएम अच्छी क्वालिटी का नहीं होता है। आरबीएम में मिट्टी ज्यादा होती है वहीं पत्थर भी काफी कमजोर क्वालिटी का होता है। इसके चलते इसकी डिमांड काफी कम होती है। डंपर मालिक धीरज फर्त्याल ने बताया कि डिमांड कम होने से डंपर खड़े रहते हैं, जिसके चलते लाभ से ज्यादा नुकसान होता है। जिसके चलते डंपर मालिक रजिस्ट्रेशन कैंसिल करा रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड- यहाँ जिस पेड़ को काट रहा था उसी से दब कर हो गई छात्र की मौत