उत्तराखण्डकुमाऊं,

सावधान- महंगा पड़ेगा Ghibli Image से फोटो बनाना, साइबर क्राइम में यूज हो सकता है फेशियल डाटा

  • चैटजीपीटी व ग्रोक के जरिए पहुंच रहा ताजा फेशियल डाटा
  • भविष्य में साइबर ठगी की जताई जा रही है आशंका

 

हल्द्वानी न्यूज़– फेसबुक, इंस्टाग्राम व एक्स पर गिबली बनाने का क्रेज चल रहा है। इसके माध्यम से हर कोई अपनी फोटो बना रहा है। कोई इसे गिबली कह रहा है तो कोई गिवली व जिवली।

 

 

साइबर सीओ सुमित पांडे का कहना है कि एआइ जेनरेटेड आर्ट्स के आकर्षण के बीच हमें निजता के खतरों को लेकर सतर्क होने की आवश्यकता है। स्टूडियो गिबली स्टाइल इमेज भले ही हमें मासूम और मजेदार लग रही हो, लेकिन अनजाने में हम ओपन एआइ को अपना ताजा फेशियल डाटा उपलब्ध करा रहे हैं।

 

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उनका कहना है कि जहां वेब स्क्रैप्ड डाटा कानूनी और नियम के दायरे से सुरक्षित होते हैं, वहां हम खुद फोटो साझा कर रहे हैं। मगर यह कोई नहीं जानता कि फेशियल डाटा को कहां सुरक्षित रखा जा रहा है। भविष्य में एआइ के जरिए डाटा का फोटो का दुरुपयोग हो सकता है। साइबर सीओ का कहना है कि चैटजीपीटी यूजर्स के लिए ओपन एआइ ने यह सुविधा उपलब्ध कराई है। यह टापिक इंटरनेट मीडिया में सबसे अधिक चर्चित हो गया है।

 

 

 

वहीं ग्रोक जिस तरह से सवालों का जवाब दे रहा है जो अभी लोगों का रोमांच कर रहा है। इससे संवेदनशील और भ्रामक जानकारियों के खतरे का अंदेशा बढ़ गया है। उन्होंने लोगों से इससे बचने को कहा है। ताकि भविष्य में साइबर ठगी के खतरों से बचा जा सके और अपनी फोटो का गलत प्रयोग न हो सके। क्योंकि इस बात का कहीं जिक्र नहीं है कि आपनी फोटो सुरक्षित है।

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डिजिटल अरेस्ट की बात आए तो समझो गड़बड़ है

नैनीताल पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट को लेकर लोगों को जागरूक किया है। पुलिस ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट शेयर कर बताया है कि पुलिस कभी भी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। यदि किसी के पास फोन आ रहा है और कालर डिजिटल अरेस्ट की बात कर रहा है तो समझें कुछ गड़बड़ है। फोन करने वाले के झांसे में न आएं। तत्काल इसकी सूचना डायल 1930 पर करें।

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स्टूडियो जिबली जापान का एक फेमस एनिमेशन स्टूडियो है। इसे 1985 में हायाओ मियाजाकी और इसाओ ताकाहाता ने बनाया था। इसकी खासियत इसके हाथ से बने एनिमेशन हैं। आज कल लोग जिबली को गिबली या गिवली नाम से जान रहे हैं। एआइ के जरिए फोटो बनाई जा रही है। इससे सावधान रहने की आवश्यकता है। लोग जागरूक व सतर्क रहें। – प्रह्लाद नारायण मीणा, एसएसपी