उत्तराखंड में तीन जिलों में बादल फटने से तबाही, चमोली में दंपती लापता – कई जगह सड़के टूटीं, मवेशी दबे


देहरादून/चमोली- उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कहर बरपा दिया है। राज्य के चमोली, टिहरी और रुद्रप्रयाग जिलों में बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं। चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के मोपाटा गांव में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। यहां एक दंपती लापता है, जबकि दो लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं 15 से 20 मवेशियों के मलबे में दबने की सूचना है।
चमोली में स्कूलों में छुट्टी घोषित
चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया कि मोपाटा निवासी तारा सिंह और उनकी पत्नी का पता नहीं चल पा रहा है। विक्रम सिंह और उनकी पत्नी घायल हुए हैं। दोनों के घर और गोशाला मलबे में दब गई है। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए सभी ब्लॉकों के स्कूलों में शुक्रवार को अवकाश घोषित कर दिया गया है।
देवाल और थराली क्षेत्रों में कई जगह सड़कें टूट गई हैं। वहीं कर्णप्रयाग के कालेश्वर इलाके में पहाड़ से आया मलबा लोगों के घरों में घुस गया। अलकनंदा और पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगों में दहशत है। सुभाषनगर क्षेत्र में बोल्डर और मलबा गिरने से सड़क बंद हो गई है। मौके पर जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने का कार्य जारी है।
टिहरी में गेंवाली गांव के पास फटा बादल
उधर टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गांव के ऊपर भी बीती रात बादल फटा। गनीमत यह रही कि यहां किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि कृषि भूमि, पेयजल लाइन और विद्युत लाइनों को नुकसान पहुंचा है। राजस्व विभाग की टीम मौके पर भेज दी गई है।
रुद्रप्रयाग में अतिवृष्टि से नुकसान
रुद्रप्रयाग जिले के जखोली ब्लॉक के छेनागाड़ और बांगर समेत कई जगहों पर अतिवृष्टि से व्यापक नुकसान हुआ है। कई पैदल पुलिया और रास्ते टूटने से ग्रामीणों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

