Loan EMI Alert: खाते से दो बार कट गई लोन की किस्त? ऐसे वापस मिलेगा आपका पैसा, जानें शिकायत का पूरा तरीका

हर महीने लोन की ईएमआई कटने के बाद अगर आपके बैंक खाते से एक ही किस्त की रकम दो बार कट जाए, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। तकनीकी गड़बड़ी या ऑटो-डेबिट निर्देश में त्रुटि के कारण ऐसा हो सकता है। ऐसी स्थिति में खाताधारक बैंक से अतिरिक्त कटी रकम वापस करने की मांग कर सकता है। अगर बैंक में शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता है, तो भारतीय रिजर्व बैंक के एकीकृत लोकपाल तंत्र का सहारा लिया जा सकता है।
सबसे पहले बैंक स्टेटमेंट में करें जांच
अगर आपको लगता है कि खाते से एक ही ईएमआई दो बार काटी गई है, तो सबसे पहले बैंक स्टेटमेंट या मोबाइल बैंकिंग ऐप में दोनों ट्रांजैक्शन की जांच करें। कटौती की तारीख, रकम और ट्रांजैक्शन का विवरण ध्यान से देखें।
कई बार ईएमआई के साथ बीमा प्रीमियम या अन्य बैंकिंग शुल्क भी कटते हैं, जिन्हें देखकर दोहरी कटौती का भ्रम हो सकता है। इसलिए शिकायत करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि दोनों ट्रांजैक्शन वास्तव में एक ही ईएमआई से संबंधित हैं।
दोनों कटौतियों का स्क्रीनशॉट या बैंक स्टेटमेंट सुरक्षित रखें। शिकायत दर्ज कराते समय ये दस्तावेज आपके काम आएंगे।
बैंक में लिखित शिकायत देकर मांगें रिफंड
दोहरी ईएमआई कटने की पुष्टि होने के बाद संबंधित बैंक में लिखित शिकायत दर्ज कराएं। इसके लिए बैंक शाखा में आवेदन दिया जा सकता है या बैंक के आधिकारिक शिकायत ईमेल और ऑनलाइन शिकायत माध्यम का इस्तेमाल किया जा सकता है।
शिकायत में अपना नाम, लोन खाता संख्या, संबंधित बैंक खाता, कटौती की तारीख और दोनों ट्रांजैक्शन की रकम का उल्लेख करें। साथ ही, अतिरिक्त कटी रकम वापस करने की मांग करें।
शिकायत दर्ज कराने के बाद उसकी रसीद या शिकायत संख्या जरूर लें। बैंक से यह भी पूछें कि रकम वापस होने में कितना समय लगेगा। यदि दोहरी कटौती के कारण खाते में अतिरिक्त ब्याज, जुर्माना या अन्य शुल्क लगा है, तो उसके निराकरण की मांग भी की जा सकती है।
30 दिन तक समाधान नहीं मिला तो कहां करें शिकायत?
अगर बैंक में शिकायत दर्ज कराने के 30 दिनों के भीतर कोई जवाब नहीं मिलता है या बैंक का जवाब संतोषजनक नहीं है, तो पात्रता और लागू नियमों के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक की शिकायत निवारण व्यवस्था का सहारा लिया जा सकता है।
इसके लिए आरबीआई के शिकायत प्रबंधन पोर्टल पर शिकायत दर्ज की जा सकती है।
शिकायत पोर्टल: https://cms.rbi.org.in
हेल्पलाइन: 14448
शिकायत करते समय बैंक में पहले दर्ज कराई गई शिकायत संख्या, बैंक का जवाब, स्टेटमेंट और संबंधित ट्रांजैक्शन के प्रमाण तैयार रखें। इससे मामले को समझने और शिकायत पर कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
अगली ईएमआई में दोबारा कटौती से कैसे बचें?
अगर दोहरी कटौती ऑटो-डेबिट या ई-मैंडेट से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुई है, तो बैंक से इसकी जांच करने को कहें। यह भी सुनिश्चित करें कि गलती का कारण दूर कर दिया गया है और अगली किस्त में दोबारा ऐसी समस्या नहीं होगी।
बैंक से बातचीत के दौरान ईमेल, आवेदन की रसीद और शिकायत संख्या जैसे सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। जरूरत पड़ने पर शिकायत की स्थिति भी पूछते रहें।
हर महीने ईएमआई कटने के बाद जरूर देखें स्टेटमेंट
लोन लेने वालों के लिए हर महीने ईएमआई कटने के बाद बैंक स्टेटमेंट चेक करना जरूरी है। इससे दोहरी कटौती, गलत शुल्क या किसी अन्य अनधिकृत ट्रांजैक्शन का समय रहते पता लगाया जा सकता है।
अगर खाते से एक ही ईएमआई दो बार कट गई है, तो उसे नजरअंदाज न करें। पहले ट्रांजैक्शन की पुष्टि करें, फिर बैंक में लिखित शिकायत दर्ज कराएं और जरूरत पड़ने पर आरबीआई की शिकायत निवारण व्यवस्था का इस्तेमाल करें। सही दस्तावेज और शिकायत का रिकॉर्ड रखने से अपना पैसा वापस पाने की प्रक्रिया आसान हो सकती है।










