उत्तराखण्डकुमाऊं,

हल्द्वानी: विधायक सुमित हृदयेश की फोन टैपिंग शिकायत पर एसएसपी का बड़ा बयान, जांच में नहीं मिले ठोस सबूत

विधायक सुमित हृदयेश की फोन टैपिंग शिकायत पर एसएसपी का बड़ा बयान, जांच में नहीं मिले ठोस सबूत

 

2025 में LIU ने की थी जांच, अब विधायक से दोबारा बात करेगी पुलिस; नए साक्ष्य मिलने पर होगी कार्रवाई

 

हल्द्वानी न्यूज़- कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश की फोन टैपिंग और मोबाइल से जुड़ी आशंकाओं को लेकर की गई शिकायत पर नैनीताल पुलिस ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी के मुताबिक, वर्ष 2025 में इस मामले की जांच स्थानीय अभिसूचना इकाई (LIU) से कराई गई थी, लेकिन उस दौरान आरोपों की पुष्टि करने वाले कोई ठोस सबूत सामने नहीं आए।

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एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि विधायक सुमित हृदयेश ने अपनी शिकायत में विकास बिष्ट और आशीष कुंथल के नामों का उल्लेख किया था। विकास बिष्ट विधायक के सोशल मीडिया से जुड़े कार्यों को देखता था। शिकायत के आधार पर की गई जांच में पुलिस को ऐसे ठोस साक्ष्य नहीं मिले, जिनसे आरोपों की पुष्टि हो सके।

 

 

नोएडा की कंपनी से भी कराई थी मोबाइल की जांच

एसएसपी के अनुसार, विधायक सुमित हृदयेश ने उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित एक कंपनी से भी अपने मोबाइल फोन की जांच कराई थी। अब पुलिस इस मामले में विधायक से दोबारा संपर्क कर बातचीत करेगी, ताकि उनकी आशंकाओं और शिकायत से जुड़ी अन्य जानकारियों को समझा जा सके।

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इसके लिए LIU, पुलिस और एसओजी की टीम विधायक से जानकारी लेगी। पुलिस का कहना है कि इस प्रक्रिया के दौरान यदि कोई नया तथ्य या साक्ष्य सामने आता है, तो उसके आधार पर आगे की जांच की जाएगी।

 

 

नए सबूत मिले तो होगी कार्रवाई

एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने स्पष्ट किया कि यदि विधायक की ओर से कोई नई शिकायत या ठोस साक्ष्य उपलब्ध कराए जाते हैं, तो पुलिस उनकी जांच करेगी। जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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फिलहाल, पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2025 में हुई जांच में आरोपों की पुष्टि करने वाले ठोस सबूत नहीं मिले थे। अब विधायक से दोबारा बातचीत के बाद सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।