उत्तराखण्डगढ़वाल,

उत्तराखंड- यहाँ दरोगा ने मारा युवक को थप्पड़, जांच में थप्पड़ खाने वाला युवक निकला गुंडा, देखे वीडियो

मित्र पुलिस का एक वीडियो मंगलवार को इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है। जिसमें पौड़ी के चौकी इंचार्ज संजीव ममगाईं एक युवक को थप्पड़ मारते और धकियाते हुए नजर आ रहे हैं। इस वीडियो के वायरल होने के बाद पौड़ी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) लोकेश्वर सिंह ने चौकी इंचार्ज को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करते हुए जांच भी बैठा दी।

 

हालांकि, शाम तक जांच में यह बात सामने आई कि जिस युवक को थप्पड़ मारा गया, उसका नाम हिमांशु है। उसे गुंडा एक्ट में निरुद्ध किया गया है। युवक को आपराधिक प्रवृत्ति का बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक हिमांशु मंगलवार दोपहर को बिना हेलमेट के बाइक पर दो युवतियों को ले जा रहा था। उसी दौरान चौकी इंचार्ज ने बाइक रोकने के लिए कहा। युवक ने बाइक रोकने से इनकार कर दिया, लेकिन चौकी इंचार्ज ने किसी तरह उसे आगे नहीं बढ़ने दिया। आरोप है कि इसके बाद युवक ने चौकी इंचार्ज पर रौब गांठा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड- यहाँ पुल से नीचे गिरी रोडवेज बस, चालक की मौत, छह यात्री घायल, पढ़े पूरी खबर.....

 

 

 

ऐसी हरकत देख चौकी इंचार्ज ने उसे पुलिस की अहमियत समझाते हुए थप्पड़ रसीद दिया। बताया जा रहा है कि हिमांशु के भाई पर भी छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज है। सीओ अनुज कुमार के मुताबिक अब पूरे प्रकरण की जानकारी एसएसपी को दी जा रही है। ताकि घटना के दोनों पहलू सामने आ सकें।

यह भी पढ़ें 👉  हल्दुचौड डिग्री कॉलेज के छात्र संघ सचिव ने उप सचिव पर कैची से हमले का लगाया आरोप, मुकदमा दर्ज

 

दूसरी तरफ थप्पड़ खाने वाले युवक को एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के पौड़ी परिसर का छात्र भी बताया जा रहा है। आरोप है कि हिमांशु अपने मित्रों के साथ पौड़ी के कंडोलिया में बाइक पर बैठे थे। तभी चौकी इंचार्ज संजीव ममगाईं वहां आए और हेलमेट को लेकर पूछताछ की। आरोप है कि जब हिमांशु ने सिर्फ बाइक पर बैठे होने की बात कही तो चौकी इंचार्ज ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया। आरोप यह भी है कि अभद्र भाषा के प्रयोग न करने के आग्रह पर चौकी इंचार्ज ने युवक को दो-तीन थप्पड़ रसीद कर दिए। इस घटना से गुस्साए पौड़ी परिसर के छात्र संघ ने सीओ सदर अनुज कुमार को ज्ञापन देकर अभद्रता करने वाले पुलिस कार्मिक को निलंबित करने की मांग उठाई है। छात्रों का कहना है कि यदि पुलिस भी इस तरह सरेराह मारपीट पर उतारू हो जाएगी तो अपराधियों और पुलिस में क्या फर्क रह जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में थमा लोकसभा चुनाव का प्रचार, नैनीताल, अल्मोड़ा, टिहरी सहित 5 सीटों पर 55 प्रत्याशियों के बीच जंग