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चुनाव से पहले उत्तराखंड की सियासत गरमाई, मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR

उत्तराखंड की राजनीति में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सोमेश्वर से विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने पहली शादी की बात छिपाकर विवाह करने, शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न, मारपीट, जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए हैं। इतना ही नहीं, मंत्री ने ऑडियो रिकॉर्डिंग का हवाला देते हुए अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की हत्या की साजिश रचे जाने का भी दावा किया है।

 

 

करीब 22 साल की शादी के बाद सामने आए इस विवाद ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। विधानसभा चुनाव से पहले एक हाई प्रोफाइल पारिवारिक विवाद के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

 

 

पहली शादी छिपाकर विवाह करने का आरोप

मंत्री रेखा आर्य ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके पति गिरधारी लाल साहू ने पहली शादी की बात छिपाकर उनसे विवाह किया था। शिकायत में कथित तौर पर लंबे समय से चले आ रहे शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का भी जिक्र किया गया है। इसके अलावा मारपीट, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और जान से मारने की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं।

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मामले में सबसे गंभीर दावा ऑडियो रिकॉर्डिंग से जुड़ा है। रेखा आर्य का आरोप है कि उन्हें ऐसी रिकॉर्डिंग मिली है, जिसमें उनकी और उनके नाबालिग बच्चों की हत्या की साजिश का संकेत मिलता है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

 

 

पहली पत्नी और बेटे को लेकर भी चर्चा

गिरधारी लाल साहू की पहली शादी और उनके परिवार को लेकर पहले भी चर्चाएं सामने आती रही हैं। उपलब्ध विवरणों के मुताबिक, जनवरी 2022 में उन्होंने रिंकू साहू को अपनी पहली पत्नी से हुआ पुत्र बताया था। रिंकू साहू बरेली में साहू समाज की राजनीति में सक्रिय बताए गए थे। उनके खिलाफ एक सम्मेलन में बिना अनुमति भीड़ जुटाने के आरोप में एफआईआर दर्ज होने की खबर भी सामने आई थी।

 

 

किडनी प्रकरण में भी सामने आया था नाम

गिरधारी लाल साहू का नाम पहले किडनी दान से जुड़े एक विवाद में भी सामने आया था। उस प्रकरण में उन्होंने वैजयंती माला को अपनी पहली पत्नी बताया था और कहा था कि नरेश चंद्र गंगवार ने उनकी पत्नी को किडनी दान की थी।

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वहीं, नरेश गंगवार की ओर से जबरन किडनी निकाले जाने को लेकर शिकायत किए जाने की बात सामने आई थी। गिरधारी लाल साहू ने उस समय जबरन किडनी निकालने के आरोपों को खारिज करते हुए इसे सहमति से किया गया दान बताया था। इस प्रकरण को लेकर भी उस समय चर्चा हुई थी।

 

 

सितंबर 2024 में भी सामने आया था विवाद

सितंबर 2024 में बरेली में भी इस परिवार से जुड़ा एक विवाद चर्चा में आया था। उस समय रेखा आर्य ने आरोप लगाया था कि कल्पना मिश्रा नाम की महिला ने आधार कार्ड और पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों में गिरधारी लाल साहू को अपना पति बताया है। उस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज होने और जांच शुरू किए जाने की बात सामने आई थी।

 

 

विधायक सुमित हृदयेश के बयान के बाद मंत्री का मामला चर्चा में

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से पहले जनप्रतिनिधियों से जुड़े विवादों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। हाल ही में हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने प्रेसवार्ता कर अपनी और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने फोन टैप किए जाने और एआई के इस्तेमाल से हैकिंग की कथित साजिश की आशंका भी व्यक्त की थी।

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सुमित हृदयेश ने पुलिस पर मामले में उचित जांच नहीं करने का आरोप लगाया था। प्रेसवार्ता के दौरान वह भावुक हो गए थे और उन्होंने गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह की चेतावनी भी दी थी।

 

 

इसके बाद अब कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य का अपने पति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाना और सार्वजनिक रूप से भावुक होना चर्चा का विषय बन गया है। दोनों मामले अलग-अलग हैं, लेकिन इन घटनाओं ने प्रदेश में जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा और राजनीतिक माहौल को लेकर बहस तेज कर दी है।

 

 

फिलहाल रेखा आर्य और उनके पति से जुड़े इस मामले में लगाए गए आरोपों की जांच और कानूनी प्रक्रिया अहम होगी। आरोपों को न्यायिक रूप से साबित माना जाना अभी उचित नहीं होगा। जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।