उत्तराखण्डकुमाऊं,

गुलदार के डर से हल्दूचौड़ के निजी स्कूल में छुट्टी, बिंदुखत्ता से मोटाहल्दू तक दहशत

लालकुआं न्यूज- बिंदुखत्ता से मोटाहल्दू तक गौला नदी किनारे बसे आबादी वाले इलाकों में गुलदार की लगातार बढ़ती चहलकदमी ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। पिछले करीब एक पखवाड़े से क्षेत्र में बेखौफ घूम रहे लगभग तीन वर्षीय गुलदार ने गुरुवार सुबह बेरीपड़ाव के हिम्मतपुर चौम्वाल स्थित मंदिर में पूजा और सफाई करने पहुंचे एक पंडित पर झपटने की कोशिश की। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया, वहीं गुलदार के स्कूल परिसर के आसपास होने की आशंका के चलते बीसीआरएम पब्लिक स्कूल में बच्चों की छुट्टी करनी पड़ी।

 

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार बेरीपड़ाव स्थित बीसीआरएम पब्लिक स्कूल के समीप मां शारदा धाम मंदिर में सुबह करीब छह बजे पूजा और साफ-सफाई करने पहुंचे पंडित नवीन चंद्र भट्ट के सामने अचानक गुलदार आ गया। बताया जा रहा है कि गुलदार तेजी से उनकी ओर बढ़ने लगा।

 

 

गुलदार को सामने देखकर घबराए पंडित नवीन चंद्र भट्ट ने शोर मचाते हुए सड़क की ओर दौड़ लगा दी। इसी दौरान वहां से गुजर रहे राहगीरों की नजर उनके पीछे दौड़ रहे गुलदार पर पड़ गई। लोगों ने शोर मचाया तो गुलदार वहां से भागकर बीसीआरएम पब्लिक स्कूल परिसर की दीवार फांदते हुए पास के गन्ने के खेतों में जा घुसा।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी- यहाँ कोहरे के चलते दो बसों की आमने-सामने हुई भिड़ंत, कई यात्री गंभीर घायल, पढ़े पूरी खबर…

 

 

घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल गौला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी चंदन सिंह अधिकारी को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलने पर वनकर्मी हरीश शर्मा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गुलदार की तलाश शुरू कर दी।

 

 

गुलदार के स्कूल परिसर और आसपास के क्षेत्र में मंडराने की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने विद्यालय प्रबंधन से सुरक्षा की दृष्टि से बच्चों की छुट्टी करने का अनुरोध किया। इसके बाद बीसीआरएम पब्लिक स्कूल में गुरुवार को अवकाश घोषित कर दिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी- एमबीपीजी कॉलेज में 13 वे राउंड की मतगणना पूरी

 

 

वन विभाग की टीम ने दिनभर क्षेत्र में मैनुअल सर्चिंग के साथ ड्रोन कैमरे की मदद से भी गन्ने के खेतों और आसपास के इलाकों में गुलदार की तलाश की, लेकिन उसकी लोकेशन का पता नहीं चल सका। गन्ने की ऊंची फसल और घनी झाड़ियों के कारण सर्च अभियान में काफी दिक्कतें सामने आईं।

 

 

क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र चंद्र दुर्गापाल ने सुबह ही वन विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन को सूचना देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने ग्रामीणों के साथ विद्यालय परिसर, आसपास के रास्तों और आवासीय क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चलाया।

 

 

ग्रामीणों के अनुसार नाथूपुर चौम्वाल, हिम्मतपुर चौम्वाल, हल्दूचौड़ जग्गी, भवानीपुर हरिसिंह, भवान सिंह नवाड़, किशनपुर सकुलिया, मोटाहल्दू, भंडारी फार्म और बेरीपड़ाव सरकारी फार्म समेत आसपास के कई क्षेत्रों में भी पूर्व में गुलदार दिखाई देने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार हो रही चहलकदमी से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।

यह भी पढ़ें 👉  Banbhoolpura Encroachment: नैनीताल हाई कोर्ट ने डीएम नैनीताल से पूछा- किसने जारी किए बिजली, पानी के कनेक्शन व राशन कार्ड?

 

 

क्षेत्र पंचायत सदस्य राजेंद्र चंद्र दुर्गापाल और समाजसेवी सुंदर मलवाल ने डीएफओ तराई पूर्वी वन प्रभाग के नाम ज्ञापन वन क्षेत्राधिकारी चंदन सिंह अधिकारी को सौंपते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

 

 

वन क्षेत्राधिकारी चंदन सिंह अधिकारी ने बताया कि ड्रोन कैमरे से सर्च अभियान चलाने के बावजूद गन्ने के खेतों में छिपा गुलदार दिखाई नहीं दे सका है। अब वन विभाग क्षेत्र में वनकर्मियों की गश्त बढ़ाने के साथ ही ट्रैप कैमरे लगाएगा, ताकि गुलदार की गतिविधियों और लोकेशन पर नजर रखी जा सके।

 

 

वन विभाग ने ग्रामीणों से भी विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों को अकेले खेतों और सुनसान रास्तों पर न जाने तथा बच्चों को बिना निगरानी के बाहर न भेजने की सलाह दी गई है।