उत्तराखण्डकुमाऊं,

चंपावत के श्रमिकों की सेहत पर शोध परियोजना पूरी

लालकुआं न्यूज़–  चंपावत के कृषि और चाय उद्यमों में काम करने वाले श्रमिकों के स्वास्थ्य जोखिम कम करने को लेकर चल रही दो वर्षीय शोध परियोजना पूरी हो गई है। मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के तहत वर्ष 2024 में शुरू परियोजना का 2026 में समापन हुआ।

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लाल बहादुर शास्त्री राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्दूचौड़ के सहायक प्राध्यापक डॉ. भूपेंद्र औलख परियोजना के मुख्य अन्वेषक रहे। डॉ. सुशीला आर्या सह-अन्वेषक और श्रीमती लक्ष्मी मेहता शोध सहायक रहीं। टीम ने चंपावत में कृषि और चाय उद्यमों में कार्यरत महिला-पुरुष श्रमिकों के स्वास्थ्य जोखिमों का अध्ययन किया।

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शोध में कार्यस्थल पर एर्गोनॉमिक सुधारों के जरिए मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़ी समस्याओं को कम करने के उपाय सुझाए गए। खेतों में काम करने वाले श्रमिकों की जोंक काटने की समस्या के उपचार और बचाव का व्यावहारिक उपाय भी विकसित किया गया।

 

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महिला श्रमिकों के स्वास्थ्य जोखिमों पर विशेष ध्यान दिया गया। परियोजना लाल बहादुर शास्त्री राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्दूचौड़, राजकीय महाविद्यालय बनबसा और राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय चंपावत के संयुक्त प्रयास से पूरी हुई।

 

समापन पर प्राचार्य डॉ. सीमा श्रीवास्तव और महाविद्यालय स्टाफ ने शोध टीम को बधाई दी।