उत्तराखण्डकुमाऊं,

उत्तराखंड- गर्जिया मंदिर परिसर में हुए भीषण अग्निकांड में 35 दुकानें जलकर हुई राख, जाने किस वजह से लगी आग

रामनगर न्यूज़- देश-विदेश में प्रसिद्ध गर्जिया माता मंदिर के परिसर में मौजूद प्रसाद की दुकानों में आग लग गई। शुरुआती जांच में मंदिर के टीले से जलती हुई धूपबत्ती के गिरने से आग लगी है। आग में 35 से अधिक झोपड़ीनुमा दुकानें जलकर राख हो गईं। इससे दुकानदारों को 20 से 22 लाख का नुकसान हुआ है। वही चैत्र नवरात्रि शुरू होने से पहले दुकानदारों का लाखों रुपये का सामान रखा हुआ था।

सोमवार को दोपहर डेढ़ बजे के आसपास मंदिर के टीले से एक जलती हुई धूपबत्ती झोपड़ीनुमा दुकान की छप्पर पर बंधी चुनरी में गिर गई। तेज हवा के चलने से चुरनी में आग सुलग गई और उसने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते करीब 100 दुकानों में से 35 से अधिक झोपड़ीनुमा दुकानों को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। आग से दुकानों में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। जिससे दुकानदारों को करीब 20 से 22 लाख का नुकसान हुआ है।

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वही मंगलवार से चैत्र नवरात्र शुरू हो रहे हैं। ऐसे में दुकानदारों ने अपनी दुकान में नारियल, चुनरी, प्रसाद, कोल्डड्रिंक और पानी की बोतल सहित पेयजल के उत्पाद रखे थे। वहीं दमकल की गाड़ी पहुंचने से पहले ही स्थानी दुकानदारों ने आग को बुझा लिया। बाद में मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ी ने एक दो दुकानों में जल रही आग को बुझाया।

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इन दुकानों में लगी आग-

पीतांबर, कैलाश पंत, मथुरा राम, रमेश चंद्र शाह, मधुली देवी, अशोक फूल वाले, भोपाल राम, राजू, रधुली देवी, प्रदीप, महेश कुमार, श्याम चंद्र, रमेश चंद्र, पप्पू, गणेश राम, इशोरी राम, हरीश, गोपाल राम, भगीरथ, किशन, राजेराम, खीमराम, मुरारी लाल, गोविंद राम, प्रेमराम, प्रकाश चंद्र, फकीर राम, हरक बाबा, हरूली देवी, भागवंती देवी, सुमित बिष्ट और प्रकाश आदि की दुकानें आग में जल गई।

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वही गर्जिया मंदिर परिसर में कैलाश पंत की प्रसाद की दुकान है। कैलाश ने बताया कि उसने पांच दिन पहले 62 हजार रुपये का आईफोन मोबाइल लिया था। आग इतनी तेजी लगी कि उसे दुकान के अंदर से मोबाइल निकालने का समय नहीं मिला। इसके अलावा सुमित पंत का भी 20 हजार से अधिक का मोबाइल जल गया।