नैनीताल में 5 आरोपियों पर प्रशासन का शिकंजा, छह महीने के लिए जिला बदर; जानिए कौन-कौन शामिल

जिलाधिकारी न्यायालय ने जारी किए आदेश, जुआ, एनडीपीएस, आर्म्स एक्ट और आबकारी समेत विभिन्न मामलों में दर्ज हैं मुकदमे
नैनीताल न्यूज़- उत्तराखंड के नैनीताल जिले में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने पांच आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने पांचों आरोपियों को छह महीने के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। संबंधित आरोपियों के खिलाफ जुआ, एनडीपीएस, आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट समेत विभिन्न आपराधिक धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने संबंधित मामलों में विधिक प्रक्रिया के तहत सुनवाई के बाद यह निर्णय लिया।
इन पांच आरोपियों को किया गया जिला बदर
1. वसीम खान: बंबाघेर, थाना रामनगर निवासी वसीम खान पुत्र रईस अहमद के खिलाफ जुआ अधिनियम के छह, आईपीसी एवं बीएनएस के पांच तथा गैंगस्टर एक्ट समेत दर्जनभर से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
2. अनुज: शिवनगर कॉलोनी, चोरपानी, थाना रामनगर निवासी अनुज पुत्र रमेश चंद्र के खिलाफ आईपीसी के तीन और आर्म्स एक्ट का एक मुकदमा दर्ज है।
3. फरहान उर्फ बीड़ी: बनभूलपुरा थाना क्षेत्र निवासी फरहान उर्फ बीड़ी पुत्र मोबीन के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज हैं।
4. रोहित आर्य: नवाड़खेड़ा, गौलापार, थाना काठगोदाम निवासी रोहित आर्य पुत्र प्रेम राम के खिलाफ आईपीसी का एक और आबकारी अधिनियम के तीन मुकदमे दर्ज हैं।
5. अमर जोशी: धचनी नंबर-1, कठघरिया, थाना मुखानी निवासी अमर जोशी पुत्र भैरव दत्त जोशी के खिलाफ आईपीसी के तीन मुकदमे दर्ज हैं।
छह महीने तक जिले की सीमा से बाहर रहना होगा
जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय के आदेश के अनुसार, पांचों आरोपियों को छह महीने की अवधि के लिए नैनीताल जिले की सीमा से बाहर रहना होगा। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।










