बिंदुखत्ता राजस्व गांव की फाइल ढाई साल से लंबित, 12वें दिन भी धरने पर डटे ग्रामीण; सरकार को दी चुनाव में नुकसान की चेतावनी

लालकुआं न्यूज़- बिंदुखत्ता को वनाधिकार अधिनियम के तहत राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार जारी है। लालकुआं तहसील परिसर में चल रहा क्रमिक धरना-प्रदर्शन बुधवार को 12वें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे ग्रामीणों ने शासन स्तर पर पिछले ढाई साल से लंबित पत्रावली पर जल्द निर्णय लेने की मांग उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र कदम नहीं उठाया, तो आगामी विधानसभा चुनाव में उसे इसका राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
धरने के दौरान वनाधिकार समिति के संरक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार श्याम सिंह रावत ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए अफवाहें फैलाकर ग्रामीणों के बीच मतभेद पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बिंदुखत्ता को वनाधिकार अधिनियम के तहत राजस्व गांव बनाने के लिए तैयार की गई पत्रावली में कोई कमी नहीं है। ऐसे में इस मामले को लेकर भ्रम फैलाने के बजाय सरकार को निर्णय लेने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
ढाई साल से शासन में लंबित है पत्रावली, ग्रामीणों में नाराजगी
धरने में शामिल अन्य वक्ताओं ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं। इसके बावजूद पत्रावली पिछले ढाई साल से शासन स्तर पर लंबित है। वक्ताओं ने सवाल उठाया कि जब प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो फिर सरकार की ओर से निर्णय लेने में इतनी देरी क्यों की जा रही है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से मांग पूरी नहीं होने के कारण क्षेत्र के लोगों में निराशा और नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीण लगातार आंदोलन के माध्यम से अपनी आवाज शासन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
फैसला नहीं हुआ तो विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है खामियाजा
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाना क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग है। उन्होंने सरकार से इस मामले में जल्द निर्णय लेने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांग को लगातार नजरअंदाज किया गया, तो आगामी विधानसभा चुनाव में सरकार को इसका राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
संजयनगर द्वितीय के ग्रामीणों ने संभाली धरने की जिम्मेदारी
धरने के 12वें दिन बिंदुखत्ता के संजयनगर द्वितीय के ग्रामीणों ने आंदोलन में भागीदारी की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कैप्टन मोहन सिंह धामी ने की, जबकि नंदन बोरा ने संचालन किया।
प्रदर्शन में बंशीधर पाठक, दिलीप सिंह अधिकारी, नारायण नाथ, भवान सिंह धामी, हरीश चंदोला, गोविंद राम, हीरा सिंह मेहरा, ललित पलड़िया, तुलसी लोहनी, इंदु भट्ट, दीपा भट्ट, उमेश भट्ट, श्याम सिंह रावत, रमेश गोस्वामी, ममता बिष्ट, दीपा पाठक, तनु पलड़िया, विमला भट्ट और गोविंदी जोशी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
धरने के समापन पर ग्रामीणों ने अन्य दिनों की तरह तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन के जरिए बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने और लंबे समय से लंबित मामले पर जल्द निर्णय लेने की मांग की गई। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।










