उत्तराखण्डकुमाऊं,

हल्द्वानी- अवैध कटान मामले में वन आरक्षी निलंबित, दरोगा अटैच

हल्द्वानी न्यूज़- तराई पूर्वी वन प्रभाग में अवैध कटान मामले में एक वन आरक्षी महेश चन्द्र आर्य को निलंबित किया गया है, वहीं एक वन दरोगा केएस नेगी को अटैच किया गया है। इसके अलावा रेंजर जीएन चन्याल से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

डीएफओ की ओर से यह कार्रवाई की गई है। बीते दिनों तराई पूर्वी वन प्रभाग की किशनपुर रेंज की रैखाल बीट में अवैध कटान की शिकायत मिली थी। जिसके बाद डीएफओ हिमांशु बागरी ने एक टीम को मौके पर जांच के लिए भेजा था। जांच में बीट में जलौनी सोख्ता को अवैध रूप से बेचने का मामला सामने आया। इस मामले में बीती 14 जनवरी को डीएफओ ने वन आरक्षी महेश चन्द्र आर्य को निलंबित कर दिया, वहीं एक वन दरोगा केएस नेगी को कार्यालय से अटैच किया गया है। मामले में कुछ और कर्मियों लोगों पर गाज गिरने की आशंका बनी हुई है।

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रोहिणी के पेड़ों को भी लगाया गया ठिकाने

जंगल में हाथी का प्रिय भोजन रोहिणी की पत्तियां व टहनियां होती हैं। सूत्रों का कहना है कि सोख्ते के साथ रोहिणी के पेड़ों को भी काटकर ठिकाने लगाया गया है। सूत्रों का कहना है कि पेड़ों के काटने के मामले को विभाग के अधिकारी दबाने में लगे हैं।

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दो साल पहले रेंजर को किया था अटैच

किशनपुर रेंज में वन कर्मियों द्वारा अवैध गतिविधियों के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। 2022 में जलौनी सोख्ता बेचने व रोहिणी के पेड़ को काटकर ठिकाने लगाने का मामला प्रकाश में आया था। जिसके बाद वन अधिकारियों ने दो वन आरक्षियों को सस्पेंड किया था। एक वन दरोगा व रेंजर को अटैच किया था।

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किशनपुर रेंज में सोख्ते व गिरे हुए पेड़ों को लेकर अनियमितिताएं मिली हैं। जिस पर वन आरक्षी को निलंबित और वन दरोगा को अटैच किया गया है। रेंजर से मामले में जवाब मांगा गया है। – हिमांशु बागरी, डीएफओ, तराई पूर्वी वन प्रभाग