बागेश्वर में फर्जी टीईटी अंकतालिका से शिक्षिका की नौकरी का आरोप, जिले में अब तक 11 मामले आए सामने

बागेश्वर- उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक की नौकरी पाने का एक और मामला सामने आया है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय गवाड़ी में तैनात शिक्षिका बबीता की शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अंकतालिका जांच में फर्जी पाई गई है। रामनगर बोर्ड के सत्यापन में अंकतालिका पर दर्ज रोल नंबर किसी अन्य अभ्यर्थी का निकला। इस खुलासे के बाद जिले में कथित तौर पर फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी पाने वाले शिक्षकों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है।
जनवरी में हुई थी शिक्षिका की नियुक्ति
जानकारी के अनुसार, बबीता पुत्री फकीर राम की नियुक्ति इसी साल जनवरी में हुई थी। नियुक्ति के बाद उनके शैक्षणिक दस्तावेजों और टीईटी प्रमाणपत्र का सत्यापन उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद, रामनगर से कराया गया। जांच के दौरान टीईटी अंकतालिका में दर्ज रोल नंबर किसी दूसरे अभ्यर्थी का पाया गया। इसके बाद अंकतालिका की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े हो गए।
पहले 10 शिक्षकों के दस्तावेज भी मिले थे फर्जी
बागेश्वर जिले में इससे पहले भी फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर शिक्षक की नौकरी पाने के मामले सामने आ चुके हैं। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान 10 शिक्षकों के दस्तावेज फर्जी पाए गए थे। जानकारी के मुताबिक, इन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं। अब एक अन्य शिक्षिका की टीईटी अंकतालिका में गड़बड़ी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में मामला फिर चर्चा में है।
शिक्षिका के खिलाफ होगी वैधानिक कार्रवाई
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक बागेश्वर आशाराम के अनुसार, शिक्षिका के प्रमाणपत्रों का सत्यापन रामनगर बोर्ड से कराया गया था। जांच में टीईटी अंकतालिका पर दर्ज रोल नंबर किसी अन्य अभ्यर्थी का पाया गया है। उन्होंने बताया कि इस मामले में भी नियमानुसार वैधानिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिले में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। अब संबंधित शिक्षिका के मामले में विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।










