उत्तराखण्डकुमाऊं,

मां नंदा सुनंदा महोत्सव में कदली वृक्ष स्थापना और मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा

लालकुआं न्यूज़– बिंदुखत्ता क्षेत्र में चल रहे मां नंदा सुनंदा महोत्सव में सोमवार को धार्मिक आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालु बड़ी संख्या में कदली वृक्ष लेकर सरस्वती मंदिर पहुंचे, जहां भव्य शोभायात्रा के साथ मां नंदा–सुनंदा की मूर्तियों की स्थापना की गई।

 

 

इंद्रानगर द्वितीय काररोड, बिंदुखत्ता स्थित मां सरस्वती मंदिर से निकली शोभायात्रा बिंदुखत्ता के विभिन्न गांवों से होती हुई ढलान चक्की क्षेत्र तक पहुंची। यहां से कदली वृक्ष लेकर पुनः मंदिर लाया गया। यात्रा में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा पहनकर लोकगीतों और भजनों से यात्रा का माहौल भक्तिमय बना दिया, वहीं पुरुषों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन से उत्सव का रंग और गहरा कर दिया।

यह भी पढ़ें 👉  हेल्थ- अगर आप भी गैस-एसिडिटी से परेशान रहते हैं, तो खाने के साथ अपना लें ये आदत, हमेशा दुरुस्त रहेगा आपका डाइजेशन

 

 

मंदिर प्रांगण में पहुंचे श्रद्धालुओं ने भक्ति-भाव से मां नंदा सुनंदा की पूजा-अर्चना की और मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान माहौल “जय मां नंदा देवी” के जयकारों से गूंज उठा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड को केंद्र से मिले 453 करोड़ रुपये, बनेंगे 12 नए रास्ते और 3 पुल, आपके जिले को क्या मिला?

 

 

इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी कुंदन सिंह मेहता ने कहा कि “मां नंदा उत्तराखंड की आराध्य देवी हैं। प्राचीन काल से यहां की जनता उन्हें अपनी रक्षक और खुशहाली देने वाली शक्ति के रूप में मानती आई है। इसलिए हर वर्ष भक्तगण इस पर्व को पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाते हैं।”

यह भी पढ़ें 👉  यहां बाइक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी युवक हुई दर्दनाक मौत

 

 

महोत्सव में समिति अध्यक्ष हरीश सिंह दानू, सचिव प्रदीप नौटियाल, अर्जुन नाथ गोस्वामी, मनोज दानू, प्रकाश गढ़िया, राजेंद्र सिंह दुबडियां, चंदन बिष्ट, संजय बिष्ट, खिलाफ सिंह दानू, और वीरेंद्र सिंह दानू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शिरकत की।