बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम आंदोलन में अब ‘जेन अल्फा’ की एंट्री, 12 वर्षीय सोनाली ने 55 सेकंड में दिया संदेश

लालकुआं न्यूज़- बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना अब नई पीढ़ी की भागीदारी के कारण भी चर्चा में है। लालकुआं तहसील परिसर में धरने के 25वें दिन शीशम भुजिया ग्राम सभा के ग्रामीणों ने आंदोलन में भागीदारी की। इस दौरान वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट की 12 वर्षीय बेटी सोनाली भट्ट ने महज 55 सेकंड के संबोधन में राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने की मांग को लेकर अपनी बात रखी।
वनाधिकार संगठन बिंदुखत्ता और पूर्व सैनिक संगठन बिंदुखत्ता के संयुक्त नेतृत्व में चल रहे इस आंदोलन में सोनाली के संबोधन को नई पीढ़ी की भागीदारी के रूप में देखा जा रहा है। अपने संबोधन के माध्यम से उन्होंने बिंदुखत्ता के लोगों से लेकर शासन-प्रशासन तक यह संदेश देने का प्रयास किया कि राजस्व ग्राम की मांग अब केवल किसी एक आयु वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बच्चे भी अपनी भूमिका निभाने के लिए आगे आ रहे हैं।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग वनाधिकार अधिनियम, 2006 (FRA 2006) के प्रावधानों के अनुरूप बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की अधिसूचना जारी करना है। आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि वे केवल घोषणा नहीं, बल्कि राजस्व ग्राम की अधिसूचना चाहते हैं।
25वें दिन शीशम भुजिया ग्राम सभा की भागीदारी
लालकुआं तहसील परिसर में जारी धरने के 25वें दिन शीशम भुजिया ग्राम सभा के ग्रामीणों ने आंदोलन को समर्थन दिया। इस दिन धरना प्रदर्शन के संयोजक कुंदन सिंह कोरंगा और सह-संयोजक भवान सिंह कोरंगा रहे। धरने के दौरान संगठन के पदाधिकारियों, पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों ने राजस्व ग्राम की मांग को लेकर अपनी बात रखी।
कई पदाधिकारी और ग्रामीण रहे मौजूद
धरना प्रदर्शन में वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट, समिति अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, पूर्व सैनिक संगठन के अध्यक्ष सूबेदार मेजर खिलाफ सिंह दानू, कैप्टन दलबीर सिंह कफोला, कैप्टन चंचल सिंह कोरंगा, कैप्टन प्रताप सिंह बिष्ट, कैप्टन खुशाल सिंह कोश्यारी, संगठन के उपाध्यक्ष भरत सिंह नेगी, दीपक जोशी और सचिव एडवोकेट बलवंत सिंह बिष्ट सहित कई लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा रमेश गोस्वामी, दौलत सिंह कोरंगा, लक्ष्मी दत्त तिवारी, भूपाल सिंह मेहता, डिगर सिंह कोरंगा, नरेंद्र सिंह रौतेला, सुंदर कोरंगा, शेर सिंह मेहता, फकीर सिंह पवार, महिपाल सिंह पवार, नंदी देवी और डिगरी देवी समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने धरने में भागीदारी की।
आंदोलनकारियों का कहना है कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की मांग पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। धरने में सोनाली भट्ट की भागीदारी ने इस अभियान में नई पीढ़ी की आवाज को भी सामने ला दिया है।










