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उत्तराखंड- सीएम धामी की दो टूक, आग नियंत्रण में लगे अधिकारियों को अनावश्यक रूप से दून ना बुलाये, मोबाइल फोन 24 घंटे रखें ऑन

जंगलों में तेजी से आग धधक रही है। इस पर रोकथाम के लिए धामी सरकार भी पूरी तरह जुट गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हवाई निरीक्षण कर स्थिति देखी तो रोकथाम को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। कहा कि जंगल बचाने के लिए सूचना तंत्र मजबूत किया जाए।

सीएम ने वन संरक्षक विनय भार्गव को निर्देशित किया कि एफटीआई में प्रशिक्षण लेने वालों को भी फील्ड में आग बुझाने के लिए भेजा जाए। इससे उन्हें जिम्मेदारी का एहसास होगा। स्थानीय लोगों के साथ समन्वय स्थापित कर महिला व युवक मंगल दलों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों का भी सहयोग लें। इन्हें प्रोत्साहित भी करें। आपातकाल में सभी विभागों के अधिकारी समन्वय के साथ कार्य करें और अपना मोबाइल फोन 24 घंटे आन रखें। डीएफओ को पिरुल एकत्र करवाने का लक्ष्य दें।

सीएम ने निर्देश दिए कि वन विभाग के अधिकारी हर समय आग से प्रभावित क्षेत्रों में रहकर इसे नियंत्रित करें। रोकथाम के लिए वन विभाग के अतिरिक्त अन्य विभाग भी अलर्ट मोड पर रहें। क्विक रिस्पांस टाइम कम से कम किया जाए। इस कार्य में लगे अधिकारियों को अनावश्यक रूप बैठक के लिए देहरादून न बुलाया जाए।

उन्होंने सेना की ओर से हेलीकाप्टर से आग बुझाने की सराहना की। लीसा डिपो के आसपास फायर ब्रिगेड एक्टिव रखने को कहा। सीएम ने कहा कि सेना, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस, आपदा प्रबंधन व जिला प्रशासन तालमेल बनाकर काम करें।

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बैठक के बाद सीएम धामी ने मीडिया से बातचीत की। कहा कि 400 पार का लक्ष्य पूरा हो रहा है। नरेन्द्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बन रहे हैं। राज्य में भी पांचों सीटें भाजपा जीत रही है। जहां तक मतदान कम होने की बात है, कांग्रेस के वोटर मतदान करने के लिए नहीं आए। निकाय चुनाव को लेकर कहा कि जिस तरह चुनाव आयोग के निर्देश देंगे। उसका पालन किया जाएगा।

रानीखेत : पहाड़ में वनाग्नि पर नियंत्रण असंभव सा हो गया है। लाख प्रयासों के बावजूद संवेदनहीन लोग जंगल जलाने से बाज नहीं आ रहे। वहीं पर्याप्त फील्ड कर्मियों के अभाव से जूझ रहा वन विभाग बेबस नजर आ रहा। शुक्रवार को ताड़ीखेत ब्लाक के पांडेकोटा गांव में जंगल में भड़की आग घरों के नजदीक तक पहुंच गई। इससे अफरा तफरी मच गई।

दमकल कर्मियों की तत्परता से लपटों को कच्चे मकानों तक पहुंचने से रोक लिया गया। इधर नगर के समीपवर्ती झूलादेवी वन क्षेत्र भी धधक उठा। वनाग्नि से बड़ी मात्रा में वन संपदा नष्ट हो गई। प्रभारी अग्निशमन के निर्देशन में टीम घटना स्थल पहुंची। टीम प्रभारी ने बताया कि पंप हाउस व एमईएस के स्टोर की ओर तेजी से बढ़ रही आग पर कड़ी मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया।

इस दौरान नरेश जोशी, राजकुमार, अनुज शर्मा, जगदीश सिंह, भास्कर व देवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। उधर द्वाराहाट के कई जंगलों में आग लगने से अकूत वन संपदा नष्ट हो गई है। शनिवार को विजयपुर व दैरी के जंगल धधक उठे। लोगों ने वन विभाग से वनाग्नि रोकने को ठोस नीति बनाने की मांग की है।

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बागेश्वरजिले में शनिवार को जंगलों की आग अनियंत्रित हो गई। फायर यूनिट दिनभर दौड़ती नजर आई। झिरौली मैग्नेसाइट के खदान कार्यालय तक जंगल की आग पहुंच गई है। वहां मशीनें, फर्नीचर तथा कंप्यूटर आदि जल गए हैं। फायर बिग्रेड की टीम आग को नियंत्रित करने में जुटी है।

वहीं, पौड़ीधार के समीप जंगल में आग लगने से एक पेड़ एनएच पर गिर गया। जिससे यातायात प्रभावित हो गया। जंगलों के जलने का सिलसिला जारी है। शनिवार को सुबह से ही आग अनियंत्रित होने की सूचनाएं आने लगी। पुलिस अग्निशमन एवं आपदा सेवा के वाहन भागते नजर आए। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी गोपाल सिंह रावत ने बताया कि छह स्थानों पर आग की सूचना मिली। पौड़ीधार के पास जंगल जलने लगा।

स्थानीय एक होटल के समीप तक आग पहुंच गई। कांडा रोड पर मिठाई की दुकान तथा यूको बैंक के पीछे तक आग पहुंच गई। गाड़गांव के जंगल, भागीरथी के पास तथा जिला कोषागार एवं इवीएम स्ट्रांग रूम के समीप पहुंची आग को नियंत्रित कर लिया गया है। एनएच ताकुला-बागेश्वर के समरी चौराहा मंदिर तक आग पहुंच गई। चीड़ का पेड़ सड़क पर गिर गया। आग को फैलने से रोका गया। जिससे बड़ी घटना टल गई। जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंची आग को देर रात शांत किया गया।

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जिलाधिकारी अनुराधा पाल, उपजिलाधिकारी मोनिका भी घटना स्थल पहुंच गए। फायर टीम में गणेश चंद्र, चंद्र प्रकाश, जितेंद्र पाल, अंजना सुप्याल, काजल आदि शामिल थे। कपकोट के जंगलों में लगी आग कपकोट का जंगल दो दिन से जल रहा है। चीड़ का जंगल आग में घी का काम कर रहा है। चारों तरफ जल रहे जंगलों से वातावरण में धुधं बढ़ गई है। अस्थमा तथा आंख के रोगी बढ़ गए हैं। जिला अस्पताल में ओपीडी 500 से पार जा रही है। लोगों ने वन विभाग से आग पर काबू पाने की मांग की है।

इधर, एसडीओ सुनील कुमार ने कहा कि जहां से भी जंगल में आग की सूचना मिल रही है, उसे बुझाया जा रहा है। आग लगाने वालों को भी चिह्नित करने का प्रयास जारी है। टिन शेड में संचालित हो रहा था कार्यालय मैग्नेसाइट झिरौली के खदान कार्यालय में आग लग गई। कार्यालय में रखी मशीनें, कंप्यूटर तथा फर्नीचर जल गए हैं। यह कार्यालय टिन शेड में संचालित हो रहा था।

कर्मचारियों ने आग नियंत्रित करने की कोशिश की। अग्निशमन विभाग के अनुसार 12 कमरों को आग ने चपेट में ले लिया था। भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। मैनेजिंग डायरेक्टर योगेश शर्मा ने बताया की आग के कारण लगभग 25 रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। दो मशीनें, कंप्यूटर सहित फर्नीचर आदि पूरी तरह जल गया है।