उत्तराखण्डकुमाऊं,

उत्तराखंड में फिर गुलदार का खूनी हमला, मेले से लौट रहे 8वीं के छात्र को बनाया अपना निवाला

घर से महज 30 मीटर पहले घात लगाकर बैठे गुलदार ने बनाया शिकार, दो बहनों का इकलौता भाई था हर्षित; दो दिन पहले पौड़ी में भी 4 साल की बच्ची की गई थी जान

 

 

चंपावत न्यूज़- उत्तराखंड में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। चंपावत जिले में एक बार फिर गुलदार ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। रायकोट का मेला देखकर घर लौट रहे आठवीं कक्षा के छात्र पर गुलदार ने हमला कर दिया। हमले में किशोर की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पूरे गांव में दहशत का माहौल है। मृतक दो बहनों का इकलौता भाई था।

 

 

1. मेला देखकर लौट रहा था किशोर, घर के पास बनाया शिकार

जानकारी के अनुसार, सुई पऊ ग्राम पंचायत के डूंगरी तोक निवासी हर्षित पुजारी बुधवार शाम करीब 6:30 बजे दोस्तों के साथ रायकोट का मेला देखकर घर लौट रहा था। रास्ते में वह दोस्तों से कुछ पीछे रह गया। घर से करीब 30 मीटर पहले अंधेरे में घात लगाकर बैठे गुलदार ने उस पर हमला कर दिया और उसे घसीटकर झाड़ियों की ओर ले गया।

 

 

काफी देर तक हर्षित घर नहीं पहुंचा तो पिता गंगादत्त पुजारी और परिजनों ने ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश शुरू की। रात करीब 9:30 बजे उसका शव घर से नीचे खेतों के पास मिला। गुलदार के हमले में उसके पेट और जांघ का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। गले पर भी दांतों के निशान मिले।

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2. दो बहनों का इकलौता भाई था हर्षित, परिवार में मचा कोहराम

हर्षित आठवीं कक्षा में पढ़ता था और दो बहनों का इकलौता भाई था। बेटे की मौत की खबर से मां नीमा पुजारी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। घर के इतने करीब गुलदार के हमले की घटना से ग्रामीणों में भी भय का माहौल है।

 

 

3. ग्रामीणों ने पहले ही दी थी गुलदार की सूचना

ग्रामीणों का आरोप है कि गुलदार पिछले कई दिनों से गांव के आसपास दिखाई दे रहा था। इसकी सूचना वन विभाग को भी दी गई थी। ग्रामीणों ने क्षेत्र में पिंजड़ा लगाने की मांग की थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

घटना के बाद ग्रामीणों ने गुलदार को जल्द पकड़ने, नियमानुसार आदमखोर घोषित करने और क्षेत्र में नियमित गश्त कराने की मांग उठाई है।

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4. DM अस्पताल पहुंचे, वन विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

घटना की सूचना मिलते ही DM मनीष कुमार लोहाघाट उप जिला अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। इसके बाद वह ग्रामीणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए। उन्होंने वन विभाग को तत्काल पिंजड़े लगाने और इलाके में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।

 

 

वहीं, लोहाघाट रेंजर रमेश चंद्र जोशी और पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। CMO डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि किशोर को अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी ने भी अस्पताल पहुंचकर परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

 

 

5. दो दिन पहले पौड़ी में गुलदार ने ली थी 4 साल की आरुषि की जान

गुलदार के हमले की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे दो दिन पहले पौड़ी जिले के वजली गांव में गुलदार ने चार साल की आरुषि को अपना शिकार बना लिया था। बच्ची की मौत के बाद ग्रामीणों में वन विभाग और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है।

 

 

बुधवार को प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को समझाने पहुंचीं SDO आयशा बिष्ट को विरोध का सामना करना पड़ा। गुस्साए ग्रामीणों ने उन्हें करीब 15 मिनट तक एक कमरे में बंद रखा। इस दौरान DFO के साथ भी धक्का-मुक्की हुई।

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ग्रामीणों ने देवप्रयाग-पौड़ी स्टेट हाईवे पर प्रदर्शन किया और बाद में पौड़ी पहुंचकर डीएम कार्यालय की ओर कूच किया। इससे पहले मंगलवार रात मौके पर पहुंचे विधायक राजकुमार पोरी का भी ग्रामीणों ने घेराव किया था। आक्रोशित भीड़ के चलते विधायक को करीब एक घंटे तक अपनी गाड़ी में बैठना पड़ा।

 

 

6. आरुषि का अंतिम संस्कार, गुलदार को मारने के आदेश जारी

बुधवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद करीब 11:30 बजे NIT श्रीनगर घाट पर आरुषि का अंतिम संस्कार किया गया। परिजन पैतृक गांव के घाट पर अंतिम संस्कार करना चाहते थे, लेकिन प्रशासन के समझाने के बाद श्रीनगर में अंतिम संस्कार किया गया।

 

 

वहीं, वन विभाग ने आरुषि पर हमला करने वाले गुलदार को मारने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके लिए विभागीय शूटरों के साथ निजी शूटर जॉय हुकिल को भी मौके पर तैनात किया गया है।

 

 

लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में गुलदार के बढ़ते आतंक और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।