उत्तराखंड में बढ़ा पाकिस्तान कनेक्शन का खतरा! जासूसी, मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रोन नेटवर्क से जुड़े कई मामले आए सामने

देहरादून न्यूज़- शांत और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तराखंड अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौतियों का केंद्र बनता दिखाई दे रहा है। पिछले एक वर्ष के दौरान राज्य में पाकिस्तान से जुड़े जासूसी नेटवर्क, संदिग्ध वित्तीय लेनदेन, कट्टरपंथी गतिविधियों और सीमा पार संचालित गिरोहों से संपर्क रखने वाले कई आरोपियों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
देहरादून से गिरफ्तार हुआ कथित जासूस
अप्रैल 2026 में उत्तराखंड एसटीएफ ने देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र से विक्रांत कश्यप को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी पाकिस्तान स्थित हैंडलरों के संपर्क में था और देहरादून स्थित सरकारी तथा सैन्य प्रतिष्ठानों की तस्वीरें और लोकेशन साझा कर रहा था।
एसटीएफ के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े तत्वों के संपर्क में आया था। उसके कब्जे से अवैध पिस्टल, कारतूस और अन्य सामान भी बरामद किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि उसे संवेदनशील स्थानों की रेकी करने और आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाया जा रहा था।
हरिद्वार तक पहुंचा संदिग्ध मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क
मई 2026 में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरिद्वार जिले के पिरान कलियर क्षेत्र से एक युवती को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार वह पाकिस्तान से जुड़े करोड़ों रुपये के संदिग्ध मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच के दायरे में आई थी।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क सीमा पार से संचालित वित्तीय गतिविधियों से जुड़ा हो सकता है। मामले की जांच जारी है और कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
मतांतरण रैकेट में सामने आया पाकिस्तान और दुबई कनेक्शन
जुलाई 2025 में देहरादून में एक कथित मतांतरण रैकेट की जांच के दौरान छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के संबंध पाकिस्तान और दुबई से संचालित बताए गए एक गिरोह से जुड़े पाए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि उत्तराखंड के सख्त धर्मांतरण कानूनों से बचने के लिए कथित रूप से लोगों को राज्य से बाहर ले जाकर धर्म परिवर्तन कराया जाता था।
ड्रोन तस्करी और हथियार नेटवर्क की कड़ी
हाल ही में उत्तराखंड एसटीएफ और पंजाब पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में बाजपुर से एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उस पर पाकिस्तान से संचालित ड्रोन नेटवर्क के माध्यम से हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने का आरोप है।
सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को सीमा पार अपराध और आतंकी वित्तपोषण के व्यापक नेटवर्क से जोड़कर देख रही हैं।
क्यों संवेदनशील है उत्तराखंड?
उत्तराखंड में भारतीय सैन्य अकादमी, कई सैन्य प्रतिष्ठान, रक्षा अनुसंधान संस्थान और अन्य सामरिक महत्व के केंद्र स्थित हैं। इसके अलावा राज्य में देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में जासूसी नेटवर्क, फर्जी पहचान, सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथीकरण और हवाला तंत्र जैसी गतिविधियों के लिए यह क्षेत्र संवेदनशील माना जाता है।
लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। एजेंसियां मान रही हैं कि राज्य में सक्रिय ऐसे नेटवर्कों पर कड़ी निगरानी और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है।








