देहरादून- स्टूडेंट अब बंक नहीं कर पाएंगे स्कूल, टीचर्स का हथियार बना मोबाइल, एक अप्रैल से लागू होगा नया सिस्टम

- उच्च शिक्षण संस्थाओं में कक्षाओं में छात्रों की कम उपस्थिति पर सरकार का कड़ा रवैया
- निर्धारित से कम उपस्थिति पर परीक्षा से वंचित होंगे छात्र, एक अप्रैल से होगा क्रियान्वयन
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के प्रविधान का उल्लेख
उच्च शिक्षा सचिव डा रंजीत कुमार सिन्हा ने गुरुवार को इस संबंध में उच्च शिक्षा निदेशक एवं सभी राज्य विश्वविद्यालयों के साथ हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति को भी आदेश जारी किया है। शासनादेश में छात्रों की उपस्थिति को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के प्रविधान का उल्लेख किया गया है।
इसके अनुसार विश्वविद्यालय परीक्षा में भाग लेने के लिए छात्रों की न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। शासन ने समस्त कुलपतियों एवं उच्च शिक्षा निदेशक से विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छात्रों की न्यूनतम उपस्थिति के प्रविधान का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। आदेश के अनुसार जिन छात्रों की उपस्थिति 75 प्रतिशत से कम होगी, उन्हें परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा।
यह व्यवस्था चालू सेमेस्टर की परीक्षा के लिए एक अप्रैल, 2025 से परीक्षा होने तक एवं शैक्षणिक सत्र 2025-26 से पूर्ण रूप से क्रियान्वित होगी। छात्रों की उपस्थिति को शिक्षक सुनिश्चित करेंगे।
समर्थ पोर्टल पर अपलोड करनी होगी जीपीएस टैग फोटो
प्रत्येक शिक्षक को अपनी कक्षाओं के लिए पृथक उपस्थिति पंजिका अनिवार्य रूप से रखनी होगी। शिक्षक मोबाइल फोन से ली गई जीपीएस टैग सेल्फी या फोटो को प्रतिदिन समर्थ पोर्टल के क्लास रूम माड्यूल पर अपलोड करेंगे।
इस माड्यूल में कठिनाई के निवारण के लिए समर्थ पोर्टल के नोडल अधिकारी डा शैलेंद्र सिंह से संपर्क करने को कहा गया है। उच्च शिक्षण संस्थानों को छात्रों को कक्षाकक्ष, फर्नीचर, शौचालय समेत समुचित अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
