Uncategorizedअंतरराष्ट्रीय

दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान रहा भूकंप का केंद्र

दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में इसे महसूस किया गया है। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के हिंदुकुश क्षेत्र में था। 2:50 बजे पर आये भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 थी। अफगानिस्तान और पाकिस्तान में झटके बहुत तेज थे और नुकसान की भी आशंका जताई जा रही है।

अफगानिस्तान के आए भूकंप की वजह से दिल्ली-एनसीआर में तेज झटके महसूस किए गए। दिल्ली के अलावा हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी धरती हिली। फिलहाल भारत में कहीं से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।

यह भी पढ़ें 👉  जम्मू कश्मीर- यहाँ पुंछ में सैन्य वाहन पर घात लगाकर हुआ आतंकी हमला, चार जवानों शहीद, तीन घायल

अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर आए भूकंप की वजह से दिल्ली-एनसीआर की ऊंची इमारत में रहने वाले लोग भी डर गए। नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद की सोसाइटीज से लोग तेजी से बाहर निकल आए। दफ्तरों में भी लंच का समय था और झटका लगते ही लोग बाहर की ओर भागे। राहत की बात है कि कहीं से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। लोग सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। हिलते पंखे और झूमर दिखाते हुए लोगों ने बताया कि उन्होंने किस तरह भूकंप के झटके को महसूस किया।

यह भी पढ़ें 👉  नव निर्वाचित युकां प्रदेश अध्यक्ष का उधम सिंह नगर दौरा, जिला अध्यक्ष नरेंद्र आर्या के नेतृत्व में स्वागत कार्यक्रमों का आयोजन

कनॉट प्लेस की एक इमारत में 10वीं मंजिल पर काम करने वाले विकास मल्होत्रा ने बताया कि वह लंच खत्म करके दोबारा काम करने के लिए बैठे ही थे, कि अचानक सब कुछ हिलता हुआ महसूस हुआ। वह तेजी से सीढ़ियों के सहारे नीचे की ओर भागे। उनके साथ दफ्तर के अधिकतर लोग बाहर आ चुके थे। नोएडा की गौर सिटी में रहने वाले सीमा सिंह ने कहा कि भूकंप का झटका उन्होंने भी महसूस किया। लेकिन 14वीं मंजिल से उतरने में काफी समय लग जाता है और लिफ्ट का प्रयोग ऐसे समय में कर नहीं सकते हैं। इसलिए वह घर में ही रही।

यह भी पढ़ें 👉  सीएम धामी ने दी, प्रदेश वासियों को 74 वे गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं

पिछले कुछ महीनो में दिल्ली एनसीआर में कई बार भूकंप के हल्के झटके महसूस किए जा चुके हैं। भूकंप के लिहाज से दिल्ली बेहद संवेदनशील है। दिल्ली में यमुना के आसपास बसे क्षेत्र को लेकर वैज्ञानिक कई बार चिंता जाहिर कर चुके हैं।