उत्तराखण्डकुमाऊं,

नैनीताल- यहाँ रोजगार की तलाश में 10 दिन पहले मध्य प्रदेश से उत्तराखंड आया परिवार, रात में हुआ कुछ ऐसा की अगली सुबह नही देख पाए दो मासूम

रामनगर न्यूज़- मध्य प्रदेश से रोजगार की तलाश में रामनगर के पीरूमदारा आए व्यक्ति ने सर्पदंश की वजह से पहले बेटी और उसके बाद बेटे को भी खो दिया। दोनों की एसटीएच में उपचार के दौरान मौत हो गई। दो मासूमों को खोने की वजह से परिवार सदमे में हैं।

 

वही मोर्चरी में शव लेने पहुंचे पिता को साथी मजदूर ढांढस बंधाने के साथ संभालने में जुटे थे। इस घटना के बारे में जिसे भी पता चला, उसकी आंखें भर आ रही थीं। मध्य प्रदेश के पन्ना जिला गुन्नौर निवासी सुनील गांव में ही खेतीबाड़ी और मजदूरी कर परिवार पाल रहा था।

यह भी पढ़ें 👉  हरिद्वार- यहाँ छात्रों की तेज रफ्तार कार ट्रैक्टर-ट्राली से टकराई, एक की मौत, तीन घायल।

 

परिवार के साथ किराये के कमरे में रहने लगा

परिवार में पत्नी के अलावा बेटा अनिकेत 10 वर्ष, देव 6 वर्ष और बेटी नित्या 3 वर्ष हैं। करीब दस दिन पहले सुनील परिवार को लेकर रामनगर के पीरूमदारा पहुंचा था। राजमिस्त्री का काम जानने के कारण स्थानीय ठेकेदार ने यहां बुलाया था, जिसके बाद वह परिवार के साथ किराये के कमरे में रहने लगा।

 

परिवार को उम्मीद थी कि लगातार काम मिलने पर आर्थिक स्थिति और बेहतर होगी, मगर बुधवार की रात परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। रात में सभी कमरे में सो रहे थे। बेटा देव और बेटी नित्या नीचे जमीन पर लेटे थे। इस बीच घर में घुसे सांप ने दोनों को डस लिया।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल- यहां अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की हुई मौत, पुलिस चालक की खोज के जुटी

 

बच्चों के दर्द की वजह से चिल्लाने पर सुनील ने लाइट खोली तो घटना का पता चला। इसके बाद वह देव और नित्या को लेकर स्थानीय अस्पताल पहुंचा। हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने एसटीएच रेफर कर दिया। यहां उपचार के दौरान पहले बेटी की मौत हो गई, जबकि देव की स्थिति गंभीर बताई गई। लेकिन गुरुवार देर रात उसने भी दम तोड़ दिया।

यह भी पढ़ें 👉  देखे आज का राशिफल, इन राशि वालों को मिल सकती है सफलताएं, जानें अन्य बाकी राशि वालों का हाल

 

भूल से गलत नाम दर्ज हो गया

नित्या की मौत के बाद गुरुवार को उसका पोस्टमार्टम करवाया गया, लेकिन भूल से रिकार्ड में पिता का नाम गलत चढ़ गया। वहीं, शुक्रवार को बेटे का पोस्टमार्टम कराने पहुंचे सुनील को इस बात का पता चला। हालांकि, वन विभाग तक यह जानकारी पहुंची चुकी है। लिहाजा, मुआवजे में दिक्कत नहीं आएगी।