उत्तराखण्डकुमाऊं,

लालकुआं में कांग्रेस टिकट को लेकर सियासी हलचल तेज, 2027 के चुनाव के लिए कई दावेदारों ने शुरू की जोरआजमाइश

लालकुआं न्यूज़- उत्तराखंड में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर लालकुआं सीट पर कांग्रेस के भीतर टिकट को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। चुनाव में अभी वक्त है, लेकिन संभावित प्रत्याशियों ने अभी से अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करनी शुरू कर दी है। क्षेत्र में जनसंपर्क और राजनीतिक गतिविधियों के जरिए कई नेता पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं।

 

 

कांग्रेस में संभावित दावेदारों के रूप में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल के पुत्र हेमवती नंदन दुर्गापाल, हरेंद्र बोरा, प्रमोद कालौनी, पूर्व सैनिक कुंदन मेहता, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेंद्र खनवाल और हेम दुर्गापाल के नाम चर्चा में हैं। इन नेताओं की क्षेत्र में सक्रियता और राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए टिकट को लेकर प्रतिस्पर्धा के आसार नजर आने लगे हैं।

 

 

हाल ही में 29 अक्टूबर को हेमवती नंदन दुर्गापाल ने लालकुआं विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की अपनी दावेदारी सार्वजनिक की। पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल के पुत्र हेमवती नंदन दुर्गापाल ने अपने पिता की राजनीतिक विरासत और क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने ‘काम किया है, काम करेंगे’ के नारे के साथ क्षेत्र के विकास, राजस्व गांव, वन भूमि अधिकार, युवाओं के रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

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वहीं, प्रमोद कालौनी भी काफी समय से विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने अक्टूबर 2025 में ही कांग्रेस से लालकुआं सीट पर चुनाव लड़ने की इच्छा सार्वजनिक कर दी थी। क्षेत्र में लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय प्रमोद कालौनी वर्ष 2023 से जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इससे पहले वह ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष समेत संगठन में कई जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

 

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दूसरी ओर हरेंद्र बोरा का नाम भी कांग्रेस के संभावित दावेदारों में शामिल है। वह पूर्व में दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। क्षेत्र में उनकी राजनीतिक सक्रियता और अनुभव को उनकी दावेदारी का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है।

 

 

इसके अलावा पूर्व सैनिक कुंदन मेहता, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेंद्र खनवाल और मोटाहल्दू किसान सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष हेम दुर्गापाल के नाम भी संभावित दावेदारों में शामिल हैं। इन नेताओं की क्षेत्र में अपनी-अपनी राजनीतिक और सामाजिक पकड़ है। हालांकि इनमें से सभी की ओर से वर्तमान में औपचारिक रूप से टिकट की दावेदारी पेश किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।

 

 

स्थानीय चेहरे पर दांव लगाने की चुनौती

लालकुआं विधानसभा सीट पर कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मजबूत और जिताऊ प्रत्याशी के चयन की होगी। पार्टी के सामने अनुभव रखने वाले नेताओं के साथ नए चेहरों को भी मौका देने का सवाल रहेगा। ऐसे में टिकट चयन के दौरान स्थानीय जनाधार, संगठनात्मक पकड़ और चुनावी समीकरण अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की मांग, वन भूमि अधिकार, क्षेत्रीय विकास, बेरोजगारी, सड़क, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं चुनाव के प्रमुख मुद्दे रह सकते हैं। इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना संभावित दावेदारों के लिए महत्वपूर्ण होगा।

 

 

फिलहाल कांग्रेस ने लालकुआं विधानसभा सीट से किसी प्रत्याशी के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन जिस तरह से नेताओं की सक्रियता बढ़ रही है, उससे साफ है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के भीतर टिकट को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। अब देखना होगा कि कांग्रेस हाईकमान प्रत्याशी चयन में किसे प्राथमिकता देता है और लालकुआं सीट से किस चेहरे पर अपना भरोसा जताता है।