उत्तराखण्डकुमाऊं,गढ़वाल,

उत्तराखंड- लोकसभा चुनाव के नतीजों तक नहीं बनेगा कोई भी अब नया मतदाता, जानें वजह

अगर आप आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अपना वोट बनवाना चाह रहे हैं, तो ये मुराद पूरी नहीं हो पाएगी। नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक जिन्होंने वोट बनवाने या मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए आवेदन किया होगा और वह निर्वाचन कार्यालय के सॉफ्टवेयर में आ गया होगा, केवल वही लोकसभा चुनाव में मतदान कर सकेंगे।

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून- धामी कैबिनेट की बैठक आज, इन मामलों पर लगा सकती है मुहर

दरअसल, नियमानुसार नामांकन की अंतिम तिथि से 10 दिन पहले तक मतदाता बनने का अवसर दिया जाता है। चूंकि, राज्य में 27 को नामांकन की अंतिम तिथि है, इसलिए 17 मार्च तक ही ये मौका था। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, अब जो भी नया मतदाता बनने के लिए आवेदन करेंगे, उनकी प्रक्रिया सॉफ्टवेयर में आगे नहीं बढ़ पाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल- यहाँ पर्यटक से मारपीट के मामले में सीओ विभा दीक्षित ने यातायात पुलिस कर्मी को किया निलंबित, पढ़े पूरी खबर।

सात जून को आचार संहिता खत्म होने के बाद ही उनका वोट बन सकेगा। हां, 17 से पहले जिनके आवेदन प्रॉसेस में आ चुके हैं, उनका वोट बनेगा और वह इस लोकसभा चुनाव में मतदान भी कर सकेंगे।

प्रदेश के 79,965 दिव्यांग और 85 वर्ष से अधिक आयु के 65,177 मतदाताओं को उनके बीएलओ घर पर ही फार्म 12-डी मुहैया करा रहे हैं। आप भी अपने बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं। इस फार्म को भरकर बीएलओ को ही देना है। इसके बाद चुनाव आयोग की टीम आपके घर पर ही मतदान की सुविधा देगी। पांच अप्रैल को घर से वोट करने वाले मतदाताओं की संख्या स्पष्ट हो जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी- SOG/हल्द्वानी की संयुक्त टीम, वनभूलपुरा, लालकुआ और कालाढूंगी पुलिस की बड़ी कार्यवाही, 04 अड्डों से 20 जुआरी/सट्टेबाज गिरफ्तार, 3 लाख 62 हजार रूपये किये बरामद