उत्तराखण्डकुमाऊं,

जिला पंचायत सदस्य कथित अपहरण मामला: हाईकोर्ट सख्त, SSP व पांचों सदस्य 3 दिसंबर को तलब

उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के दौरान कथित अपहरण, हंगामे और मतपत्र में ओवर राइटिंग के आरोपों पर गंभीर रुख अपनाया है। न्यायालय ने एसएसपी नैनीताल सहित पांचों जिला पंचायत सदस्यों को 3 दिसंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई भी इसी दिन निर्धारित की गई है।

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मामले के अनुसार, 14 अगस्त को नैनीताल जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव के दौरान भारी बवाल हुआ था। विपक्षी सदस्यों द्वारा यह आरोप लगाया गया कि पांच बीडीसी सदस्यों का अपहरण कर मतदान प्रभावित किया गया। इस पूरे प्रकरण पर कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था। कई निर्वाचित सदस्य भी संरक्षण के लिए न्यायालय पहुंचे थे।

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इस बीच, बीडीसी सदस्य पूनम बिष्ट ने भी उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की, जिसमें कहा गया कि जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में एक मतपत्र में क्रमांक 1 को काटकर 2 लिख दिया गया, जिससे मतपत्र को अमान्य घोषित कर दिया गया। याचिका में इस कार्रवाई को गलत बताते हुए अध्यक्ष पद पर पुनः मतदान कराए जाने की मांग की गई है।

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न्यायालय ने सभी आरोपों को गंभीर मानते हुए स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में धांधली और दबाव स्वीकार्य नहीं है, इसलिए मामले की संपूर्ण जांच व सुनवाई आवश्यक है। अब 3 दिसंबर को एसएसपी और पांचों जिला पंचायत सदस्यों की उपस्थिति के बाद आगे की कार्यवाही तय की जाएगी।