उत्तराखंड- गहरी नींद में थे मजदूर, तभी आई जोर के धमाके की आवाज और बर्फ में दब गईं 57 जिंदगियां, देवदूत’ बनकर पहुँची सेना ने बर्फबारी के बीच जान हथेली पर रख कैसे किया रेस्क्यू?

- विजय इंफ्रा कंसंक्नशन प्राइवेट लिमटेड के 57 मजदूर कर्मचारी बर्फ में दबे
- सुबह करीब छह बजे आई जोर के धमाके की आवाज
गोपेश्वर न्यूज़- बद्रीनाथ धाम से तीन किमी आगे माणा पास जाने वाली सड़क पर भारी एवलांच आ गया। इससे सीमा सड़क संगठन के अधीन माणा पास सड़क निर्माण का कार्य कर रही विजय इंफ्रा कंसंक्नशन प्राइवेट लिमटेड के 57 मजदूर कर्मचारी बर्फ में दब गए।
हालांकि पास ही सेना व आईटीबीपी कैंप में मौजूद जवानों व अधिकारियों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर 16 घायलों को निकाला। बताया गया कि रेस्क्यू के दौरान फिर दो बार हल्के एवलांच आने तथा लगातार बर्फबारी होने के चलते रेस्क्यू अभियान रोक दिया गया है।
सुबह छह बजे आमी चेक पोस्ट के पास आया एवलांच
बताया गया कि बीते शाम से ही बद्रीनाथ धाम में मौसम का मिजाज बदला था। रात्रिभर से चल रही बर्फबारी सुबह भी जारी थी। सुबह लगभग साढे छ: बजे माणा से माणा पास जाने वाली सड़क पर आर्मी चेक पोस्ट के पास स्थित भारी एवलांच आया। यहां पर विजय इंफ्रा कंसंक्शन प्राइवेट लिमटेड कंपनी के मजदूरों व कर्मचारियों के अस्थाई टीनशैड थे।
यह स्थान द्रोणा गदेरा व कुरई गदेरे के बीच में है तथा इसके ठीक पीछे नर पर्वत श्रृखंला में मोलफा बांक घाटी है। इन गदेरों में हिमखंड बनना आम बात है। शुक्रवार सुबह तेज गर्जना के साथ नर पर्वत की श्रृखंला के मोलफा बांक घाटी में हिमखंड टूटकर नीचे आया तथा सो रहे मजदूरों के कैंप के ऊपर गिर पड़ा। इस दौरान तेज गर्जना पर यहां से लगभग एक किमी दूरी पर स्थित अलकनंदा के दूसरे छोर पर माता मूर्ति मंदिर के पास आईटीबीपी कैंप में मौजूद जवानों ने हल्ला भी मचाया।
बर्फ में दबे 32 लोगों को निकाला
घटना स्थल से पांच सौ मीटर दूरी पर स्थित सेना कैंप से अधिकारी व कर्मचारी भी माणा की ओर सुरक्षित स्थान पर भागे, लेकिन मजदूरों को भौगोलिक ज्ञान न होने के चलते वे सुरक्षित स्थानों की ओर नहीं भाग पाए। हालांकि कुछ लोगों को घटना के दौरान बदरीनाथ की ओर जाने की बात भी सामने आई है।
घटना के बाद सेना व भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाकर बर्फ में दबे 32 लोगों को निकाला और सेना चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार किया। दोपहर दो बजे बाद फिर से हल्के एवलांच आए हैं तथा लगातार बर्फबारी हो रही है।
मौसम खराब होने के कारण नहीं हो पाया हेलीकॉप्टर रेस्क्यू
ऐसे में आईटीबीपी व सेना ने सुरक्षा के दृष्टि से रेस्क्यू रोक दिया है। बदरीनाथ धाम व माणा क्षेत्र में सात फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है। जोशीमठ से सेना बदरीनाथ के लिए रवाना हो चुकी है। वे हनुमान चट्टी से आगे पैदल ही रेस्क्यू उपकरण के साथ जा रही है। फिलहाल मौसम खराब होने के हेलीकॉप्टर रेस्क्यू नहीं हो पाया है।
एसडीआरएफ व एनडीआरएफ भी हनुमान चट्टी से आगे नहीं बढ़ पाई है। हनुमान चट्टी से बदरीनाथ तक हाइवे बर्फबारी के चलते बाधित है, जिसे बीआरओ खोलने का प्रयास कर रही है। हनुमान चट्टी से 14 किमी घटना स्थल तक फिलहाल पैदल आवाजाही भी मुश्किलों भरा सफर है।
