उत्तराखण्डकुमाऊं,

कुमाऊं में भूमि घोटालों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, 30 मामलों में एफआईआर की संस्तुति

एक ही जमीन की कई बार रजिस्ट्री करने वालों पर शिकंजा, रजिस्ट्रार-सब रजिस्ट्रार की भूमिका भी होगी जांच के दायरे में

हल्द्वानी न्यूज़- कुमाऊं मंडल में बढ़ते भूमि धोखाधड़ी के मामलों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए भू-माफिया और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आयोजित लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की बैठक में कुल 77 मामलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 30 मामलों में एफआईआर दर्ज कराने की संस्तुति की गई है।

 

 

बैठक की अध्यक्षता कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए, जिनमें एक ही संपत्ति की एक से अधिक बार रजिस्ट्री किए जाने के तथ्य पाए गए।

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आयुक्त ने कहा कि ऐसे मामलों में केवल भू-माफिया या जालसाज ही नहीं, बल्कि रजिस्ट्री प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की भी गहन जांच की जाएगी। यदि किसी रजिस्ट्रार या सब-रजिस्ट्रार की लापरवाही अथवा संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ निलंबन सहित कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

 

 

दाखिल-खारिज से पहले होगा भौतिक सत्यापन

बैठक में भूमि अभिलेखों की पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। आयुक्त ने निर्देश दिए कि अब दाखिल-खारिज की प्रक्रिया से पहले संबंधित लेखपाल को मौके पर जाकर भूमि का भौतिक सत्यापन करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि केवल दस्तावेजों के आधार पर रिकॉर्ड में बदलाव करने से भूमि विवाद और धोखाधड़ी की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसलिए कागजी रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति का मिलान सुनिश्चित किया जाएगा।

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नैनीताल जिले में सबसे अधिक मामले

समिति की समीक्षा में सामने आए 77 मामलों में से 30 मामलों में एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति की गई है। इनमें सर्वाधिक 17 मामले नैनीताल जिले से जुड़े हैं, जबकि ऊधम सिंह नगर के 12 और अल्मोड़ा जिले के एक मामले में कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

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बैठक में आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती सहित मंडल के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि भूमि धोखाधड़ी के मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर आम जनता के हितों की रक्षा की जाएगी और भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू की जाएगी।