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उत्तराखंड में 24 लाख मतदाताओं को नोटिस, घबराएं नहीं; जानिए क्यों भेजे गए और क्या करना होगा

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के तहत करीब 24 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से लगभग 20 लाख नोटिस संबंधित मतदाताओं तक पहुंच चुके हैं। नोटिस मिलने के बाद कई लोगों में वोट कटने की आशंका बनी हुई है, लेकिन मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने स्पष्ट किया है कि नोटिस का मतलब वोट काटना नहीं है।

 

 

उन्होंने बताया कि ये नोटिस केवल मतदाता सूची में दर्ज जानकारी का सत्यापन करने और रिकॉर्ड में मौजूद त्रुटियों को ठीक करने के लिए भेजे गए हैं। जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, वे आवश्यक दस्तावेज बीएलओ (BLO) को उपलब्ध कराकर या सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखकर रिकॉर्ड सही करा सकते हैं।

 

 

निर्वाचन आयोग ने इसके लिए 11 प्रकार के दस्तावेज मान्य किए हैं। जहां दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, वहां बीएलओ की जांच रिपोर्ट, स्थानीय सत्यापन, ग्राम प्रधान, जनप्रतिनिधि या सक्षम अधिकारी की पुष्टि के आधार पर भी मामले का निस्तारण किया जा सकता है।

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किन कारणों से भेजे गए नोटिस?

निर्वाचन विभाग के अनुसार मतदाता सूची में सामने आई 8 प्रकार की विसंगतियों के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें उम्र, पारिवारिक संबंध, एक ही परिवार में असामान्य आयु अंतर, एक मतदाता के साथ अधिक लोगों की मैपिंग जैसी गड़बड़ियां शामिल हैं।

 

 

क्या वोट कट जाएगा?

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने साफ किया है कि नहीं। नोटिस मिलने का अर्थ केवल रिकॉर्ड का सत्यापन है। यदि मतदाता आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर देता है, तो रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन कर दिया जाएगा।

 

 

दस्तावेज नहीं होने पर क्या होगा?

यदि किसी मतदाता के पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो बीएलओ की जांच रिपोर्ट, स्थानीय सत्यापन और ग्राम प्रधान या सक्षम अधिकारी की पुष्टि के आधार पर भी मामले का समाधान किया जा सकता है।

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रिकॉर्ड में सुधार कैसे कराएं?

यदि मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि है तो संबंधित बीएलओ के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।

 

  • फॉर्म-6 – नया नाम जोड़ने के लिए
  • फॉर्म-7 – नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए
  • फॉर्म-8 – नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन के लिए

आवेदन ऑफलाइन के साथ-साथ ECINet ऐप के माध्यम से ऑनलाइन भी किए जा सकते हैं।

 

 

SIR प्रक्रिया किस चरण में है?

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया मई के अंत में अधिसूचना जारी होने के बाद शुरू हुई थी। 8 जून से 7 जुलाई तक बीएलओ ने घर-घर जाकर सत्यापन किया। इसके बाद 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई और दावे-आपत्तियां लेने की प्रक्रिया शुरू हुई। फिलहाल दस्तावेजों के सत्यापन और सुनवाई का कार्य जारी है। सभी मामलों के निस्तारण के बाद 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

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अब तक कितने आवेदन मिले?

ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद निर्वाचन विभाग को अब तक—

  • फॉर्म-6: 93 हजार से अधिक आवेदन
  • फॉर्म-7: 1.39 लाख से अधिक आवेदन
  • फॉर्म-8: 40 हजार से अधिक आवेदन

प्राप्त हुए हैं। इन सभी मामलों की सुनवाई निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) के स्तर पर की जा रही है।

 

 

मुख्य बात: यदि आपको भी निर्वाचन विभाग का नोटिस मिला है तो घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर आवश्यक दस्तावेज जमा करें या सुनवाई में अपना पक्ष रखें, ताकि आपका रिकॉर्ड सही किया जा सके।