(बड़ी खबर) हल्द्वानी में डीएम का बड़ा एक्शन: धारा-41 के मामलों में लापरवाही पर राजस्व उपनिरीक्षक निलंबित, राजस्व निरीक्षक पर विभागीय जांच

हल्द्वानी न्यूज़- नैनीताल जिले में लंबित राजस्व मामलों पर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को तहसील हल्द्वानी के औचक निरीक्षण के दौरान भू-राजस्व अधिनियम की धारा-41 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर एक राजस्व उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि एक तत्कालीन राजस्व निरीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के आदेश जारी किए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने धारा-41 के तहत प्राप्त प्रकरणों और संबंधित पत्रावलियों की गहन समीक्षा की। जांच में सामने आया कि कई मामलों में नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई नहीं की गई, जिससे बड़ी संख्या में आवेदन अनावश्यक रूप से लंबित पड़े हैं। इससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासनिक कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो रही है।
डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सौरभ असवाल और नगर मजिस्ट्रेट हल्द्वानी ए.पी. बाजपेयी को सभी लंबित पत्रावलियों का दोबारा निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नगर मजिस्ट्रेट ए.पी. बाजपेयी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान राजस्व उपनिरीक्षक एवं प्रभारी राजस्व निरीक्षक काठगोदाम संजय प्रसाद के स्तर पर दिसंबर 2025 से पूर्व के 16 प्रकरण सहित कई पत्रावलियां लंबित मिलीं।
जांच में यह भी सामने आया कि ग्राम किशनपुर रैकवाल निवासी हरेन्द्र सिंह के मामले में 23 मई 2025 को तहसीलदार के आदेश के बावजूद 15 जुलाई 2026 को पैमाइश शुल्क जमा होने की आख्या प्रस्तुत की गई। इसी तरह ग्राम बमौरी तल्ली निवासी गीता पुत्री भैरवदत्त के मामले में 5 अगस्त 2025 के आदेश के बाद 6 जून 2026 को पैमाइश शुल्क जमा होने की रिपोर्ट दी गई। वहीं राजकुमारी बिष्ट, प्रतापगढ़ी मल्ली, काठगोदाम के मामले में 20 फरवरी 2025 के आदेश के बावजूद निरीक्षण की तिथि तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर उत्तराखंड सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 2003 के तहत संजय प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील भीमताल निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा तत्कालीन राजस्व निरीक्षक ब्रजेश कुमार द्वारा भी धारा-41 और पैमाइश से जुड़े कई आवेदन लंबित रखने का मामला सामने आया। इस पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सौरभ असवाल ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों में लापरवाही और जनता से जुड़े कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।








