उत्तराखंड- वाहन मालिकों के लिए आई बड़ी राहत… केंद्र के इस फैसले से टली बड़ी परेशानी, जानिए क्या बदला

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों के हजारों वाहन स्वामियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राज्य के चार पर्वतीय जिलों—उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में मैन्युअल वाहन फिटनेस व्यवस्था को 30 जून 2027 तक जारी रखने की अनुमति दे दी है।
केंद्रीय मंत्रालय की ओर से 24 अगस्त 2026 को जारी आदेश के बाद इन चारों जिलों के RTO कार्यालयों में Parivahan System का एक्सेस तत्काल प्रभाव से बहाल कर दिया गया है। अब संबंधित जिलों के वाहन स्वामी अपने वाहनों का फिटनेस टेस्ट और फिटनेस सर्टिफिकेट अपने ही जिले में बनवा सकेंगे।
30 जून 2027 तक ATS तैयार करने के निर्देश
मंत्रालय ने राज्य सरकार को निर्धारित समय सीमा के भीतर इन जिलों में Automated Testing Station (ATS) स्थापित करने के निर्देश भी दिए हैं। फिलहाल ATS की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मैन्युअल फिटनेस व्यवस्था को आगे जारी रखने की अनुमति दी गई है।
वाहन स्वामियों को बड़ी परेशानी से मिली राहत
ATS की व्यवस्था नहीं होने के कारण पर्वतीय जिलों के वाहन स्वामियों को फिटनेस जांच के लिए कई बार 100 से 200 किलोमीटर दूर मैदानी क्षेत्रों तक जाना पड़ता था। इससे वाहन स्वामियों को अतिरिक्त खर्च और समय दोनों का नुकसान उठाना पड़ रहा था।
केंद्र के इस फैसले से ट्रक, बस, टैक्सी और अन्य व्यावसायिक वाहनों के हजारों मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
देवभूमि ट्रक ओनर्स महासंघ ने जताया आभार
केंद्र के फैसले का उत्तराखंड देवभूमि ट्रक ओनर्स महासंघ ने स्वागत करते हुए केंद्र और राज्य सरकार का आभार जताया है। महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पर्वतीय जिलों में मैन्युअल फिटनेस व्यवस्था जारी रखना उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग थी।
महासंघ ने बताया कि परिवहन सचिव और परिवहन आयुक्त के आश्वासन के बाद संगठन ने अपनी प्रस्तावित हड़ताल को 45 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है।
महासंघ की ओर से जारी संयुक्त बयान में अध्यक्ष राकेश जोशी, ललित पाठक, ललित मोहन शर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष जीतेन्द्र सिंह बिष्ट, प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा, गढ़वाल अध्यक्ष कृष्णा बडोनी, ग्रीष्म मेलकानी, बृजेश तिवारी, शिव सिंह, राजकुमार सिंह नेगी, दिनेश बहुगुणा, कुलदीप बहुगुणा सहित कुमाऊं और गढ़वाल की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों ने केंद्र एवं राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।









