धड़ से अलग गर्दन, हाथ-पैर कटे और साड़ी में लिपटा शव. प्रयागराज में दादा ने दे दी पोते की बलि, वजह चौंका देगी


उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में 26 अगस्त को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। औद्योगिक थाना क्षेत्र के हाइटेक सिटी लवायन कुरिया गांव के पास एक बड़े बैग में 17 वर्षीय किशोर का शव कई टुकड़ों में मिला। शव साड़ी में लिपटा हुआ था और उसके हाथ-पैर व सिर गायब थे। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई।
पुलिस को सूचना एक स्थानीय महिला ने दी थी। शुरुआती जांच में शव की पहचान नहीं हो सकी, लेकिन बाद में गुमशुदगी की रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज की मदद से मृतक की शिनाख्त औद्योगिक थाना क्षेत्र निवासी पीयूष (17) के रूप में हुई। उसकी मां कामिनी सिंह ने 26 अगस्त को ही बेटे के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
🔎 CCTV फुटेज ने खोला राज
पुलिस ने जब यमुनानगर और सिटी एसओजी की मदद से सीसीटीवी खंगाले, तो एक संदिग्ध की पहचान हुई। आरोपी कोई और नहीं बल्कि मृतक का दादा शरण सिंह निकला। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल आरी, चापड़ और नकदी बरामद हुई।
😱 तांत्रिक के बहकावे में आकर की हत्या
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वर्ष 2023 और 2024 में उसके बेटे और बेटी ने आत्महत्या कर ली थी। इन घटनाओं से वह मानसिक रूप से टूट गया। इसके बाद उसने एक तांत्रिक से संपर्क किया। तांत्रिक ने उसे बहकाया कि उसके परिवार की बर्बादी की वजह उसकी पत्नी यानी मृतक की दादी का किया गया जादू-टोना है।
अंधविश्वास और गुस्से में अंधा होकर शरण सिंह ने अपने ही पोते पीयूष का अपहरण किया और आरी-चापड़ से बेरहमी से हत्या कर दी। बाद में शव के टुकड़े कर बैग में भरकर अलग-अलग जगह फेंक दिए। शव का कुछ हिस्सा औद्योगिक थाना क्षेत्र और करेली थाना क्षेत्र से बरामद हुआ है।
🚔 तांत्रिक की तलाश जारी
पुलिस ने आरोपी शरण सिंह को जेल भेज दिया है और अब उस तांत्रिक की तलाश में विशेष टीम गठित की गई है, जिसने आरोपी को हत्या के लिए उकसाया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह घटना अंधविश्वास और मानसिक अवसाद से उपजी है, जिसकी वजह से एक निर्दोष किशोर को अपनी जान गंवानी पड़ी।

