उत्तराखंड- SIR में Form-10 का नोटिस मिला तो न करें नजरअंदाज, वरना कट सकता है वोटर लिस्ट से नाम

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड में चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस दौरान मतदाता सूची में दर्ज नामों को लेकर सामने आई आपत्तियों पर चुनाव कार्यालय की ओर से संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं। ऐसे में यदि किसी मतदाता को SIR के तहत Form-10 का नोटिस मिलता है तो उसे गंभीरता से लेते हुए निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर जवाब देना जरूरी है।
दरअसल, प्रदेश के कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची में दर्ज नामों को लेकर आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसी आपत्तियों की है, जिनमें दावा किया गया है कि संबंधित मतदाता अब उस पते पर निवास नहीं करता है। ऐसी आपत्तियों के बाद चुनाव कार्यालय की ओर से संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
Form-10 का नोटिस मिलने पर क्या करना होगा?
यदि किसी मतदाता को बीएलओ के माध्यम से Form-10 का नोटिस प्राप्त होता है तो उसे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना जवाब देना होगा। सुनवाई के दौरान आपत्तिकर्ता को भी अपना पक्ष रखने और उससे संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।
वहीं, संबंधित मतदाता को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) या सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) के समक्ष यह साबित करना होगा कि वह संबंधित पते पर निवास करता है। इसके लिए वैध और प्रासंगिक दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखना जरूरी होगा।
जवाब और दस्तावेजों की होगी जांच
आपत्ति पर सुनवाई के दौरान मतदाता की ओर से प्रस्तुत जवाब और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। यदि ERO मतदाता के जवाब और प्रस्तुत प्रमाण से संतुष्ट होते हैं तो नियमानुसार नाम मतदाता सूची में बनाए रखा जा सकता है।
हालांकि, यदि मतदाता अपने निवास के संबंध में पर्याप्त प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाता या ERO उसके जवाब और दस्तावेजों से संतुष्ट नहीं होते हैं तो नियमानुसार मतदाता सूची से नाम हटाया जा सकता है।
नोटिस को नजरअंदाज न करें
चुनाव कार्यालय की ओर से जारी Form-10 के नोटिस को हल्के में लेना मतदाताओं के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए जिन लोगों को SIR के तहत नोटिस प्राप्त हुआ है, उन्हें निर्धारित समय पर जवाब देना चाहिए और अपने निवास से जुड़े उचित दस्तावेज प्रस्तुत करने चाहिए।
मतदाता सूची में नाम बनाए रखने को लेकर अंतिम निर्णय संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा निर्धारित नियम और प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा।






