उत्तराखण्डकुमाऊं,

नैनीताल में आग सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी समीक्षा: फायर हाइड्रेंट्स की जमीनी जांच को संयुक्त समिति गठित

नैनीताल न्यूज़- ब्रिटिश कालीन विरासत वाली नैनीताल नगर की पुरानी काष्ठ-निर्मित इमारतें आग लगने की स्थिति में अत्यंत संवेदनशील मानी जाती हैं। हाल ही में शहर में हुए अग्निकांडों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या नगर क्षेत्र में मौजूद फायर हाइड्रेंट्स और अन्य दमकल संसाधन पर्याप्त और कार्यशील हैं?

 

 

इसी गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने नगर में उपलब्ध अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया है। समिति में परगना अधिकारी नैनीताल, अधिशासी अभियंता, उत्तराखण्ड जल संस्थान, तथा अग्निशमन अधिकारी, फायर स्टेशन नैनीताल शामिल रहेंगे।

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समिति नगर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर निम्न बिंदुओं पर आधारित तथ्यपरक व अद्यतन जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी—

जांच के प्रमुख बिंदु:

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1. नैनीताल नगर में स्थापित सभी फायर हाइड्रेंट्स की स्थिति की जांच
– कितने क्रियाशील हैं, कितने अक्रियाशील, इसका स्पष्ट विवरण।

2. प्रत्येक हाइड्रेंट तक दमकल वाहनों की वास्तविक पहुँच क्षमता का परीक्षण
– संकरी सड़कों, अवरुद्ध मार्गों या अन्य बाधाओं का आकलन।

3. मरम्मत, प्रतिस्थापन और नए फायर हाइड्रेंट्स की स्थापना संबंधी तकनीकी व प्रशासनिक सुझाव।

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4. हाइड्रेंट्स में सीधे पानी सप्लाई की व्यवस्था की व्यवहारिकता पर विचार।

 

 

समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपना निरीक्षण कार्य तुरंत शुरू कर सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करे, ताकि शहर में अग्नि सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

 

दिनांक : 10-12-2025