लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में आपदा प्रबंधन पर कार्यशाला, विद्यार्थियों को बताए बचाव और सुरक्षा के तरीके

आपदा के समय सतर्कता और सही निर्णय से कम हो सकती है जन-धन की हानि, छात्रों को किया जागरूक
लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय में आपदा प्रबंधन को लेकर जन-जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों को प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं से निपटने, आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा बरतने तथा बचाव एवं राहत के उपायों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रोफेसर एन. एस. सिद्ध का महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सीमा श्रीवास्तव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया।
कार्यशाला के दौरान भूकंप, बाढ़ और आगजनी जैसी आपदाओं से बचाव के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि आपदा के समय जागरूकता, सतर्कता और सही निर्णय लेकर जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विद्यार्थियों को आपात स्थिति में धैर्य बनाए रखने, सुरक्षा नियमों का पालन करने और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने के लिए प्रेरित किया गया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सीमा श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान समय में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। इस तरह की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करती हैं। साथ ही उनमें सामाजिक जिम्मेदारी और दूसरों की सहायता करने की भावना भी विकसित होती है।
कार्यक्रम में प्रोफेसर पंकज कुमार, प्रोफेसर कविता व्यास, डॉ. अंजुम, डॉ. भावना मेहरा, डॉ. तारा भट्ट, डॉ. सूरज पाल और डॉ. प्रदीप मंडल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन भूगोल विभाग की डॉ. पूनम शाह ने किया।
समापन अवसर पर डॉ. पूनम शाह ने मुख्य अतिथि प्रोफेसर एन. एस. सिद्ध को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। अंत में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यशाला को विद्यार्थियों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया।










