दिवाली की शॉपिंग में जरा संभलकर! 5 तरह के साइबर फ्रॉड से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, इन बातों का रखें ध्यान

दिवाली से पहले बाजारों और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर खरीदारी की रौनक बढ़ने लगी है। ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कंपनियां भारी डिस्काउंट, कैशबैक और फ्री गिफ्ट जैसे ऑफर दे रही हैं। लेकिन इन आकर्षक ऑफर्स के बीच साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया विज्ञापन और नकली पेमेंट लिंक के जरिए लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। ऐसे में खरीदारी के दौरान की गई एक छोटी-सी लापरवाही आपके बैंक खाते को खाली कर सकती है। जानिए दिवाली शॉपिंग के दौरान होने वाले 5 बड़े साइबर फ्रॉड और इनसे बचने के तरीके।

1. फर्जी शॉपिंग वेबसाइट से रहें सावधान
दिवाली के दौरान साइबर ठग नामी ई-कॉमर्स कंपनियों जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट तैयार कर लेते हैं। इन वेबसाइट पर स्मार्टफोन, टीवी, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य सामान बेहद कम कीमत पर बेचने का दावा किया जाता है। भारी छूट देखकर ग्राहक बिना जांच-पड़ताल किए ऑर्डर बुक कर देते हैं। लेकिन पेमेंट करने के बाद न तो सामान मिलता है और न ही पैसे वापस आते हैं। कई बार नकली या घटिया सामान भेज दिया जाता है। इससे बचने के लिए हमेशा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही खरीदारी करें।
2. सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापनों का जाल
फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिवाली के दौरान आकर्षक ऑफर्स वाले विज्ञापनों की भरमार रहती है। इनमें ब्रांडेड प्रोडक्ट पर 70 से 80 प्रतिशत तक छूट देने का दावा किया जाता है। इन विज्ञापनों के जरिए ग्राहकों को फर्जी वेबसाइट पर पहुंचाया जाता है, जहां उनकी बैंकिंग और निजी जानकारियां चोरी की जा सकती हैं। इसलिए किसी भी विज्ञापन पर भरोसा करने से पहले संबंधित ऑफर को कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर जांच लें।
3. QR कोड और UPI पेमेंट के नाम पर ठगी
दिवाली पर गिफ्ट, कैशबैक और इनाम देने के नाम पर साइबर ठग लोगों को QR कोड भेजते हैं। इसके बाद इनाम या कैशबैक पाने के लिए कोड स्कैन करने और UPI PIN डालने को कहा जाता है। ऐसा करते ही खाते से पैसे कट सकते हैं। ध्यान रखें कि किसी से पैसे प्राप्त करने के लिए QR कोड स्कैन करने या UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती। अपना UPI PIN किसी के साथ साझा भी न करें।
4. फेक डिलीवरी और रिफंड स्कैम
ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान ठग फर्जी मैसेज भेजकर पार्सल अटकने या ऑर्डर कैंसिल होने की जानकारी दे सकते हैं। इसके बाद डिलीवरी दोबारा शुरू कराने या रिफंड पाने के लिए एक लिंक भेजा जाता है। इस लिंक पर क्लिक करने या बैंकिंग डिटेल्स भरने से आपकी निजी जानकारी ठगों तक पहुंच सकती है। इसलिए डिलीवरी और रिफंड से जुड़ी जानकारी हमेशा संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर ही चेक करें।
5. फेक कैशबैक और फ्री गिफ्ट का लालच
दिवाली के मौके पर साइबर ठग रिवॉर्ड, शॉपिंग बोनस और कैशबैक के नाम पर भी लोगों को निशाना बनाते हैं। लोगों को मैसेज भेजकर बताया जाता है कि उन्होंने कोई इनाम जीता है या उनके लिए विशेष कैशबैक उपलब्ध है। इसे पाने के लिए फर्जी लिंक खोलने, ऑनलाइन फॉर्म भरने या प्रोसेसिंग फीस जमा करने को कहा जाता है। ऐसे ऑफर्स के झांसे में आने से आपकी निजी और बैंकिंग जानकारी चोरी हो सकती है।
दिवाली शॉपिंग करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- अनजान वेबसाइट और संदिग्ध लिंक से खरीदारी न करें।
- किसी भी ऑफर की पुष्टि कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से करें।
- OTP, UPI PIN और बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
- पैसे प्राप्त करने के नाम पर भेजे गए QR कोड स्कैन न करें।
- पार्सल और रिफंड की जानकारी आधिकारिक ऐप से ही जांचें।
- बहुत ज्यादा छूट या फ्री गिफ्ट के लालच में जल्दबाजी न करें।
अगर आपके साथ साइबर ठगी हो जाती है तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। दिवाली की खुशियों के बीच थोड़ी-सी सतर्कता आपको आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।










