मौसम पर अपडेट: बारिश के बाद आज कुछ राहत, लेकिन अगले 3 दिन फिर बरसेंगे बादल; 9 अक्टूबर को भारी बारिश का अलर्ट

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद गुरुवार को मौसम में कुछ राहत देखने को मिली है। हालांकि मौसम विभाग ने राज्य में बारिश का दौर अभी खत्म नहीं होने की संभावना जताई है। देर शाम हुई तेज बारिश के कारण नैनीताल हाईवे पर कई जगह पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित रहा। वहीं, पिथौरागढ़ के धारचूला की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी भी हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, आज राज्य के सभी जिलों में कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है। 4,200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।
नैनीताल में यलो अलर्ट
नैनीताल जिले के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा देहरादून, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में आकाशीय बिजली चमकने तथा तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
9 अक्टूबर को इन जिलों में भारी बारिश
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 9 अक्टूबर को देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इसे देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
10 अक्टूबर को भी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी
10 अक्टूबर को राज्य के सभी जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 3,800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की भी संभावना है।
11 अक्टूबर को पहाड़ों में बारिश, ऊंची चोटियों पर बर्फबारी
11 अक्टूबर को पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। 3,800 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना बनी रहेगी। वहीं, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और ऊंचाई वाले इलाकों में आवाजाही करने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तेज बारिश के दौरान भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाओं के कारण सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है।










