उत्तराखण्डगढ़वाल,

उत्तराखंड- यहाँ विजलेंस की टीम ने इस अधिकारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों किया गिरफ्तार

देहरादून न्यूज़– यहाँ वखेल विभाग कोटद्वार जनपद पौड़ी गढवाल के सरकारी सहायक कोच हॉकी को विजिलेंस की टीम ने 10,000 रूपये रिश्वत लेते रंगे हाथो गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री हेल्पलाईन न0 1064 पर शिकायत अंकित करायी गयी की (खेल विभाग) कोटद्वार जनपद पौड़ी गढ़वाल की अण्डर 19 पुरूष हाँकी टीम को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता मे जनपद पिथौरागढ में प्रतिभाग करवाने के लिये जिला क्रीड़ा अधिकारी पौड़ी गढवाल ने उसके भाई को मैनेजर नियुक्त किया था।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड- यहाँ युवक ने की अपने ही परिवार के 4 लोगों की निर्मम हत्या, इस हत्याकांड से थर्राया पहाड़....

वही शिकायतकर्ता जो की हाँकी का प्राइवेट कोच है, जो दिंनाक 06/11/23 को जनपद पौड़ी की 14 सदस्यो हाँकी टीम को प्रतियोगिता मे प्रतिभाग करवाने हेतु पिथौरागढ ले गया तथा टीम का आने जाने खाने का कुल व्यय 40,000 रू0 उसके द्वारा स्वयं किया गया। जिसका भुगतान खेल विभाग द्वारा 27/11/23 को नियमानुसार कर दिया गया।

वही जनपद पौड़ी के खेल विभाग में नियुक्त सरकारी हॉकी कोच महेश्वर सिंह नेगी द्वारा उन 40,000 रू0 में से 17,000 रू0 रिश्वत के रूप में यह कह कर माँग की जा रही थी, की अगर वह रिश्वत नही देता है, तो आगे टींम को ले जाना का मौका शिकायतकर्ता को नही दिया जायेगा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड- यहाँ नदी में नहाते समय डूबने से दो बच्चों की हुई मौत

वही शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था तथा भ्रष्ट कर्मचारी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही चाहता था। इधर शिकायत पर सतर्कता अधिष्ठान सैक्टर देहरादून द्वारा जाँच प्रथम दृष्टया सही पाये जाने पर तत्काल ट्रैप टीम का गठन किया गया। टीम ने नियमानुसार कार्यवाही करते हुए बुधवार को (खेल विभाग) कोटद्वार जनपद पौड़ी गढ़वाल के हाँकी के सरकारी कोच महेश्वर सिंह नेगी निवासी रतनपुर कुम्भीचौड निकट एसबीआई बैंक थाना कोटद्वार को शिकायतकर्ता से 10,000/- रूपये (दस हजार रूपये) की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों शशिधर स्टेडियम गाड़ीघाट कोटद्वार में गिरफ्तार किया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून -(बड़ी खबर) सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में आ गईं आठ विभागों की ये 41 सेवाएं, पढ़े खबर

वही आरोपी से पूँछताछ जारी है, उक्त प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा। निदेशक सतर्कता डॉ0 वी0 मरुगेसन, द्वारा ट्रैप टीम को नकद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की है।