आधार कार्ड में बड़ा बदलाव: अब पिता/पति का नाम और पूरी जन्मतिथि नहीं होगी दर्ज, गोपनीयता पर UIDAI का जोर

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की ओर से आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया में अहम बदलाव किए गए हैं। ये बदलाव नागरिकों की गोपनीयता और डेटा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब जारी हो रहे आधार कार्ड पहले से अलग स्वरूप में उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
आधार कार्ड केंद्र संचालकों द्वारा इन बदलावों से संबंधित जानकारी केंद्रों पर चस्पा की गई है। इसके अनुसार, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों के आधार कार्ड में पहले की तरह पिता का नाम दर्ज रहेगा। हालांकि, इस श्रेणी में गलत नाम संशोधन की सुविधा अब उपलब्ध नहीं होगी।
वहीं 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के आधार कार्ड में अब पिता या पति का नाम दर्ज नहीं किया जाएगा। नए आधार कार्ड में केवल आवेदक का नाम और पता ही अंकित होगा। इससे व्यक्तिगत जानकारी को सीमित रखते हुए गोपनीयता को बढ़ावा दिया गया है।
इसके अलावा, आधार कार्ड में जन्मतिथि से जुड़ा भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले आधार कार्ड में जन्म की तिथि, महीना और वर्ष दर्ज होता था, लेकिन अब बनाए जा रहे नए आधार कार्ड में केवल जन्म का वर्ष ही अंकित किया जाएगा। जन्म की तिथि और महीना कार्ड से हटा दिए गए हैं।
आधार कार्ड केंद्र संचालकों के अनुसार, आधार बनवाते समय अब पोर्टल पर पिता या पति का नाम भरने का विकल्प ही उपलब्ध नहीं है। यह संशोधित व्यवस्था पहले ही लागू की जा चुकी है। हालांकि, UIDAI ने स्पष्ट किया है कि आवेदकों से संबंधित सभी मूल रिकॉर्ड और विस्तृत जानकारियां उसके सुरक्षित डेटाबेस में पहले की तरह संरक्षित रहेंगी।
UIDAI का मानना है कि इन बदलावों से आधार धारकों की निजी जानकारी का अनावश्यक सार्वजनिक उपयोग रुकेगा और डेटा सुरक्षा को और अधिक मजबूती मिलेगी।








