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उत्तराखंड में अग्निवीरों के लिए बनेगा अलग सेल, 4 साल बाद रोजगार की नहीं होगी चिंता: सीएम धामी

देहरादून के कुआंवाला मैदान में आयोजित अग्निवीर संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अग्निवीरों के भविष्य को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य में अग्निवीरों के लिए अलग सेल बनाएगी, जो चार साल की सेवा पूरी करने वाले युवाओं के पुनर्वास, रोजगार और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश में अपनी तरह की पहली पहल होगी।

 

 

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चार साल की सेवा पूरी करने के बाद किसी भी अग्निवीर को अपने भविष्य को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने अग्निवीरों के लिए कई व्यवस्थाएं की हैं और गृह मंत्रालय के माध्यम से अर्धसैनिक बलों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उनके लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। इसके अलावा उत्तराखंड सरकार पहले ही सरकारी नौकरियों में अग्निवीरों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लागू कर चुकी है।

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भर्ती घोटालों पर कांग्रेस पर साधा निशाना

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकारों पर भर्ती घोटालों को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में एन.डी. तिवारी के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान दरोगा और पटवारी भर्ती सहित कई घोटाले सामने आए थे। वहीं, वर्ष 2012 में भी भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोप लगे।

 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने गड़बड़ियों को छिपाने के बजाय देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार अब तक 34 हजार से अधिक सरकारी भर्तियां बिना पर्ची और बिना खर्ची के पूरी कर चुकी है।

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युवाओं के सवालों का दिया जवाब

संवाद कार्यक्रम में युवाओं ने मुख्यमंत्री से अग्निवीर योजना और रोजगार को लेकर सवाल भी पूछे।

सवाल: चार साल बाद 75 प्रतिशत अग्निवीर सेवा से बाहर आएंगे, उनका भविष्य क्या होगा?

मुख्यमंत्री का जवाब: चार साल बाद सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। केंद्र सरकार ने उनके लिए कई अवसर उपलब्ध कराए हैं। उत्तराखंड सरकार सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दे रही है और अब राज्य में अलग सेल बनाकर उनके पुनर्वास और रोजगार पर विशेष काम किया जाएगा।

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सवाल: राज्य में पहले से बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा हैं, ऐसे में सरकार पहले किसे रोजगार देगी?

मुख्यमंत्री का जवाब: अग्निवीर भी उत्तराखंड के ही युवा हैं, इसलिए उनमें और अन्य युवाओं में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के सभी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य युवाओं को पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। अग्निवीरों के लिए अलग सेल का गठन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।