उत्तराखंड- यहां घास काटते समय महिला को सांप ने डंसा, इलाज के दौरान मौत; परिजनों में मचा कोहराम

बागेश्वर न्यूज़- गरुड़ तहसील क्षेत्र के सिमार गांव में सर्पदंश से 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई। महिला शनिवार देर शाम घर के पास मवेशियों के लिए चारा काट रही थीं। इसी दौरान घास में छिपे सांप ने उनके पैर में डंस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तत्काल बैजनाथ सीएचसी लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही महिला ने रास्ते में दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, सिमार गांव निवासी तुलसी देवी (45) पत्नी राजेंद्र राम शनिवार देर शाम अपने घर के पास मवेशियों के लिए घास काट रही थीं। इसी दौरान घास के बीच छिपे सांप ने उनके बाएं पैर पर डंस लिया। सर्पदंश के बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजन उन्हें आनन-फानन में सीएचसी बैजनाथ लेकर पहुंचे।
अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला का प्राथमिक उपचार शुरू किया और उन्हें एंटी स्नेक वेनम (ASV) इंजेक्शन दिया गया। इसके बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू सुविधा के लिए तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन महिला को जिला अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी मुआवजे की प्रक्रिया
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। कोतवाल अनिल उपाध्याय ने बताया कि जिला अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया है। मामले में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, वन विभाग के प्रभारी एसडीओ एमएस गुसाईं ने बताया कि सर्पदंश से महिला की मौत का मामला संज्ञान में है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पीड़ित परिवार को नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
बारिश के मौसम में बरतें विशेष सावधानी
वन विभाग ने बरसात के मौसम में ग्रामीणों से जहरीले जीव-जंतुओं से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। प्रभारी एसडीओ एमएस गुसाईं के अनुसार, बारिश के दौरान सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतु बिलों में पानी भरने के कारण बाहर निकलकर झाड़ियों, पत्थरों और सूखे स्थानों पर शरण ले लेते हैं।
उन्होंने ग्रामीणों से चारा काटते या खेतों में काम करते समय जूते और दस्ताने पहनने की अपील की है। घनी झाड़ियों और अंधेरी जगहों में जाने से पहले लाठी से झाड़ियों को खटखटाने और टॉर्च का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। साथ ही घर के आसपास घास-झाड़ियों को न उगने देने और नियमित सफाई रखने को कहा गया है।
वन विभाग ने सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में समय बर्बाद न करने और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार लेने की अपील की है।








