बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की मांग को लेकर 12वें दिन भी पदयात्रा जारी, 27 सितंबर की रैली के लिए जनसंपर्क तेज

लालकुआं न्यूज़- बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने की मांग को लेकर चल रही पदयात्रा मंगलवार को 12वें दिन संजय नगर दो और तीन होते हुए हाटकालिका मंदिर पहुंची। पदयात्रा में करीब 400 लोगों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 200 से अधिक घरों में जनसंपर्क कर लोगों से आगामी 27 सितंबर को प्रस्तावित रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया।
पदयात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ सभाएं भी आयोजित की गईं। इनमें वक्ताओं ने सरकार से बिंदुखत्ता राजस्व ग्राम की अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से क्षेत्र के लोग इस मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और अब सरकार को मामले में शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।
विधायक के आरोपों पर संगठन ने दिया जवाब
लालकुआं विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट की ओर से वन अधिकार संगठन पर लगाए गए आरोपों पर संगठन के अध्यक्ष उमेश भट्ट ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि विधायक अनर्गल और लच्छेदार बयानबाजी कर लोगों को रैली में जाने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं।
उमेश भट्ट ने कहा कि यदि विधायक ने सही समय पर इस मामले को पूरा करवाने के लिए गंभीर प्रयास किए होते तो आज ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। उन्होंने कहा कि 25 नवंबर 2025 को डीएलसी द्वारा पत्रावली के पुनः परीक्षण के आदेश वन अधिकार कानून के प्रावधानों के विपरीत हैं, जिस पर वन अधिकार समिति लगातार आपत्ति दर्ज करा रही है।
उन्होंने बताया कि समिति मुख्य सचिव से सुनवाई और विधिसम्मत कार्रवाई की मांग को लेकर हर माह पत्र भेज रही है, लेकिन अभी तक इस मामले में सुनवाई नहीं हुई है।
‘विधायक को शासन स्तर पर कार्रवाई के प्रयास करने चाहिए’
वन अधिकार संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि विधायक को वन अधिकार समिति पर आरोप लगाने के बजाय मुख्य सचिव स्तर पर लंबित पत्रावली पर विधिसम्मत कार्रवाई करवाने के प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने विधायक के उस कथन को भी भ्रामक बताया, जिसमें कहा गया है कि पत्रावली में ‘संस्तुति’ शब्द नहीं होने और वन अधिकार समिति के जिलाधिकारी से नहीं मिलने के कारण अधिसूचना जारी नहीं हो रही है।
उमेश भट्ट के अनुसार, वन अधिकार समिति दर्जनों बार जिलाधिकारी से मिल चुकी है और इस संबंध में लगातार पत्राचार भी किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिलाधिकारी की ओर से पत्रावली के पुनः परीक्षण के आदेश दिए जा चुके हैं। ऐसे में समिति द्वारा बार-बार जिलाधिकारी से मिलने के बजाय अब शासन स्तर पर लंबित अपील की सुनवाई और निर्णय की मांग करना अधिक उचित है।
पदयात्रा में बड़ी संख्या में लोग हुए शामिल
मंगलवार की पदयात्रा में मोहन सिंह धामी, होशियार जेठी, दलीप अधिकारी, प्रकाश मिश्र, प्रकाश राम, गोविंद राम, रघुवीर बिष्ट, पुष्कर दुबड़िया, किशन धामी, शंकर लाल, बलवंत कोरंगा, भोपाल सिंह, ललित पलड़िया, प्रेम सिंह खोलिया, जगदीश चौहान, दीपक सिंह भाट, दिनेश भट्ट, शंकर राम, मोहन बसवाल, लक्ष्मण पटवाल, जगदीश जोशी, प्रकाश शाही, चंदन मेहता, रमेश फुलारा, जोध सिंह, दीवान सिंह बरगली, भरत गोसाई, गोविंद गिरी समेत कई लोग शामिल रहे।
आयोजकों ने कहा कि 27 सितंबर की रैली को सफल बनाने के लिए गांव-गांव और घर-घर जनसंपर्क अभियान लगातार जारी रहेगा।







